ग्लोबल ट्रेड अलर्ट (Global Trade Alert) नाम की एक स्वतंत्र संस्था के अनुसार कोर्ट के आदेश और ट्रंप के सभी देशों पर एक समान 15 फीसदी टैरिफ से तीनों देशों की टैरिफ दरों में बड़ी गिरावट आएगी। ब्राजील पर टैरिफ 13.6 फीसदी तक कम हो जाएगा। इसके बाद चीन का नंबर आता है, जहां टैरिफ में 7.1 प्रतिशत अंक की कमी आएगी। वहीं, भारत के टैरिफ में लगभग 6 प्रतिशत अंक की गिरावट देखने को मिलेगी।
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कोर्ट के फैसले के बाद नया टैरिफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल जनवरी में इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके अमेरिकी व्यापार भागीदारों पर टैरिफ लगाए थे। लेकिन, पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से इन फैसलों को रद्द कर दिया। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने ये नए वैश्विक टैरिफ लागू करने का फैसला किया।
जैसे ही कोर्ट ने इन टैरिफ को अवैध करार दिया, ट्रंप ने कहा था कि वे IEEPA टैरिफ की जगह 10% का वैश्विक फ्लैट रेट लगाएंगे। लेकिन, शनिवार को उन्होंने इसे बढ़ाकर अधिकतम 15% कर दिया। ये नए ट्रंप टैरिफ मंगलवार से लागू होने वाले हैं, लेकिन ये सिर्फ 150 दिनों के लिए ही मान्य होंगे। इसके बाद कांग्रेस को आगे का फैसला लेना होगा।
ट्रंप को खटकते हैं तीनों देश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भारत, चीन और ब्राजील की आलोचना करते रहे हैं। ट्रंप ने अपने कार्यकाल में इन तीनों देशों को कभी न कभी निशाना बनाया है। उन्होंने तीनों देशों पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया था। चीन और भारत के बारे में ट्रंप ने कहा कि ये देश टैरिफ लगाकर और अपनी मुद्रा को जानबूझकर सस्ता रख रहे हैं और अमेरिकी व्यवसायों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ट्रंप का ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो के बीच व्यापार को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उन्होंने ब्राजील पर 50% तक के टैरिफ लगाए गए थे। वहीं ट्रंप ने भारत पर भी 50 फीसदी टैरिफ लगाया था।
बढ़ सकता है टैरिफ
भविष्य में सभी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि वे 1974 के अधिनियम की धारा 301 के तहत देश-विशिष्ट अतिरिक्त उपाय लागू कर सकते हैं। ट्रंप ने यह टैरिफ 150 दिनों के लिए लगाया है। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि वे अब उन कानूनों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जो उन्हें टैरिफ लगाने की अनुमति देते हैं।













