जेफरीज के एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा कि एआई आईटी के बिजनेस को कंसल्टिंग की तरफ ले जा सकता है और उनका सर्विसेज बिजनेस कम हो सकता है। यह ट्रेंड आगे बढ़ता जाएगा और इसके लिए आईटी कंपनियों को अपने टेलेंट और ऑपरेटिंग मॉडल में भी बदलाव की जरूरत होगी। इससे जोखिम पैदा हो सकता है। आईटी शेयरों में इस साल अब तक 16 फीसदी गिरावट आ चुकी है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहने की आशंका है। जेफरीज का कहना है कि भारत की बड़ी आईटी कंपनियों को रेवेन्यू में 22 से 45 फीसदी हिस्सेदारी एप्लिकेशन मैनेज्ड सर्विसेज की है। इसमें भारी गिरावट आ सकती है।
सोमवार को शेयर मार्केट में आ सकता है बड़ा उछाल, गिफ्ट निफ्टी में दिख गए संकेत, टैरिफ रद्द होने का असर
टारगेट प्राइस
जेफरीज ने इन्फोसिस और एचसीएल टेक को बाय से डाउनग्रेड करके होल्ड पर डाल दिया है। साथ ही इन्फोसिस का टारगेट प्राइस 1,880 रुपये से घटाकर 1,290 रुपये कर दिया है। इसी तरह एचसीएल टेक का टारगेट प्राइस 1,885 रुपये से घटाकर 1,390 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज ने साथ ही टीसीएस, एलटीआईमाइंडट्री और हेक्सावेयर को होल्ड से अंडरपरफॉर्म में डाल दिया है। टीसीएस का टारगेट प्राइस 3,485 रुपये से घटाकर 2,350 रुपये, एलटीआईमाइंडट्री का 6,175 रुपये से घटाकर 4,300 रुपये और हेक्सावेयर का 660 रुपये से घटाकर 460 रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह Mphasis के शेयर को बाय से होल्ड कर दिया गया है। जेफरीज ने इसका टारगेट प्राइस 3,410 रुपये से घटाकर 2,450 रुपये कर दिया है। इसी तरह विप्रो की अंडरपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 220 रुपये से घटाकर 180 रुपये कर दिया गया है। सोमवार को इन्फोसिस के शेयरों में 1.83 फीसदी गिरावट आई। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, एमफेसिस और विप्रो के शेयरों में भी गिरावट रही।
(डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, आज़ाद हिन्द के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।)













