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  • बेंगलुरु में ATM से कैश गायब! 500 रुपये का नोट मिलना हुआ दुर्लभ, आखिर क्या हुआ इस शहर में ऐसा?

    नई दिल्ली: साइबर सिटी बेंगलुरु में लगे एटीएम से कैश लगभग गायब है। लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह कैश नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि एटीएम में 500 रुपये का भी नोट मिलना दुर्लभ हो गया है। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार बैंकों में


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    By Azad Hind Desk फरवरी 25, 2026
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    नई दिल्ली: साइबर सिटी बेंगलुरु में लगे एटीएम से कैश लगभग गायब है। लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह कैश नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि एटीएम में 500 रुपये का भी नोट मिलना दुर्लभ हो गया है। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार बैंकों में कैश की मांग बढ़ गई है, जिससे कैश की कमी है। इस कारण एटीएम में भी नोट नहीं भरे जा रहे हैं।

    दरअसल, इन दिनों सरकारी और प्राइवेट बैंक कैश की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इनके पास कैश नहीं आ रहा। दरअसल, बैंको में कैश की डिमांड अचानक बढ़ गई है। इस कारण बैंक एटीएम में कैश की कमी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। कैश कम होने के कारण एटीएम में बहुत कम मात्रा में कैश भरा जा रहा है।
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    अकाउंट से कैश की निकासी बढ़ी

    बैंकर्स के मुताबिक बैंकों में करंट और ओवरड्राफ्ट अकाउंट से कैश की निकासी बढ़ गई है। कंस्ट्रक्शन, प्रॉपर्टी डेवलपमेंट और सरकारी सिविक प्रोजेक्ट में बिजनेस और ठेकेदारों के लिए कैश की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन सेक्टर में वेतन का भुगतान नकद में किया जाता है। इसके कारण ये लोग बड़ी मात्रा में कैश निकाल रहे हैं। आमतौर पर बड़ी मात्रा में नकदी निकासी कुछ ही दिनों में बैंकिंग सिस्टम में वापस आ जाती है, लेकिन बैंकरों का कहना है कि हाल के हफ्तों में यह चक्र धीमा होता दिख रहा है। यानी बैंकों से जितना कैश जा रहा है, उतना वापस नहीं आ रहा।

    कहीं चुनाव तो कारण नहीं?

    बेंगलुरु में कुछ समय बाद नगर निगम के चुनाव होने हैं। साथ ही अगले कुछ महीनों में पड़ोसी राज्यों केरल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बैंकों में कैश की कमी को इन चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी चुनावों के कारण राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने चुनाव संबंधी खर्चों के लिए धन जुटाना शुरू कर दिया होगा। ऐसे में शहर में कैश की कमी हो गई है।

    कैश निकासी में लगातार वृद्धि आमतौर पर एक शुरुआती चेतावनी संकेत के रूप में काम करती है। आरबीआई करेंसी की उपलब्धता पर कड़ी नजर रखता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर कैश के इस असंतुलन को दूर करने के लिए आरबीआई के पास पर्याप्त नीतिगत उपाय मौजूद हैं।
    एमएस महाबलेश्वर, पूर्व सीईओ, कर्नाटक बैंक

    500 का भी नोट नहीं, डिजिटल पर जोर

    अधिकारियों ने बताया कि 500 रुपये के नोट, जो रोजमर्रा के लेन-देन की रीढ़ हैं, विशेष रूप से दुर्लभ हो गए हैं। बैंक एटीएम में नकदी भरने को प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो। वहीं बैंक ब्रांच में कैश की उपलब्धता अभी भी सीमित है। बैंकरों ने कहा कि उन्होंने इस कैश की इस परेशानी को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाया है और बैंकों ने संकट से उबरने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से मदद मांगी है। वहीं बैंकों ने ग्राहकों से कहा है कि वे डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल ज्यादा करें ताकि कैश की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सके।

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