नाना पाटेकर बोले- सुनेत्रा का दर्द पहाड़ जैसा, खुद ही सहना होगा
नाना पाटेकर ने ‘एएनआई’ को दिए इंटरव्यू में अजित पवार के परिवार, खासकर पत्नी सुनेत्रा द्वारा झेले जा रहे दुख के बारे में कहा कि इसे बाहर के लोगों के साथ पूरी तरह से शेयर नहीं किया जा सकता। वह बोले, ‘उन्हें जिस दुख का सामना करना पड़ रहा है, उसे कोई और साझा नहीं कर सकता। हम भी दुखी हैं, लेकिन उनका दर्द पहाड़ जैसा है। उन्हें इसे खुद ही सहना होगा। इस क्षति के साथ-साथ, डिप्टी सीएम के रूप में उनके द्वारा निभाई गई जिम्मेदारियों को भी अब उन्हें संभालना होगा। इसमें समय लगेगा। आप जो भी सवाल पूछ रहे हैं, उससे आपको लगता है कि मैं सर्वज्ञानी व्यक्ति हूं। मैं तो बस एक साधारण इंसान हूं।’
प्लेन क्रैश की जांच पर यह बोले नाना पाटेकर
प्लेन क्रैश की जांच के बारे में पूछे जाने पर नाना पाटेकर ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। उन्हें सच्चाई का पता चल जाएगा।सवाल उठ रहे हैं, और जवाब जरूर मिलेंगे। पवार परिवार क्या फैसला लेता है, यह उनका निजी मामला है। मैं उनके दुख में उनके साथ खड़ा हूं।’
VSR पर DGCA का एक्शन, 4 प्लेन किए गए ग्राउंड, मिलीं कई खामियां
उधर, बारामती के प्लेन क्रैश मामले में DGCA ( नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड पर कड़ा एक्शन लिया है। DGCA ने VSR के 4 लियरजेट प्लेन ग्राउंड कर दिए। बारामती वाले हादसे के बाद जब स्पेशल सेफ्टी ऑडिट किया गया, तो VT-VRA, VT-VRS, VT-VRV और VT-TRI विमानों में फ्लाइट ऑपरेशंस, एयर सेफ्टी और एयरवर्दीनेस से जुड़ी कई खामियां मिली हैं। मालूम हो कि 28 जनवरी को VSR का लियरजेट 45 (VT-SSK) विमान बारामती के पास क्रैश हो गया था, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। उसी के बाद इस कंपनी का सेफ्टी ऑडिट करवाया गया था।
अजित पवार संग दोस्ती पर यह बोले नाना पाटेकर
नाना पाटेकर की अजित पवार के साथ एक दशक पुरानी दोस्ती थी और काफी गहरा रिश्ता था। इस बारे में एक्टर ने बताया, ‘मैं दादा को तब से जानता हूं, जब वो 19 या 20 साल के थे। उन्होंने उस समय पार्टी कार्यकर्ता के रूप में काम करना शुरू किया था। आज जब कोई बड़ा आदमी बन जाता है, तो कई लोग दावा करते हैं कि वह उन्हें जानते थे, लेकिन अब वो हमारे बीच नहीं हैं, इसलिए ऐसी बातें कहने का कोई मतलब नहीं है। मायने रखता है उनका अविश्वसनीय सफर- उनकी शुरुआत से लेकर इतने महत्वपूर्ण पद तक पहुंचने का सफर। मैं उन्हें हमेशा याद करूंगा। वो मेरे बहुत प्यारे दोस्त थे, मेरे लिए छोटे भाई जैसे थे।’














