भारतीय रेलवे इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री, शिक्षण संस्थानों और पर्सनल इनोवेटर्स को जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नई नीति के तहत इनोवेटर्स के चयन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और एक नया ‘ Rail Tech Portal ’ लॉन्च किया गया है।
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रेल टेक पोर्टल की विशेषताएं
- इनोवेटर्स द्वारा सिंगल-स्टेज डिटेल्ड प्रपोजल सबमिशन
- स्केल-अप ग्रांट में तीन गुना से अधिक वृद्धि
- प्रोटोटाइप और ट्रायल के लिए अधिकतम अनुदान दोगुना
- यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस
इनोवेशन चैलेंज की सुविधा
रेलवे की ओर से इनोवेशन चैलेंज की सुविधा भी शुरू की गई है। ये इस प्रकार हैं:
- AI आधारित Elephant Intrusion Detection System (EIDS)
- कोचों में AI आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम
- ड्रोन आधारित टूटी रेल की पहचान प्रणाली
- रेल स्ट्रेस मॉनिटरिंग सिस्टम
- पार्सल वैन (VPU) में सेंसर आधारित लोड कैलकुलेशन डिवाइस
- कोचों पर सोलर पैनल
- AI आधारित कोच क्लीनिंग मॉनिटरिंग सिस्टम
- कोहरे में अवरोध पहचान प्रणाली
- AI आधारित पेंशन एवं विवाद निस्तारण प्रणाली
रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल का डिजिटलीकरण
रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (RCT) में मामलों के निपटान को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल समाधान लागू किया जा रहा है। यह सुधार पूरी तरह नागरिक-केंद्रित बताया जा रहा है, जिससे दावेदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसकी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
- देशभर की सभी 23 RCT बेंच को डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा
- वादकारी अब 24×7 ऑनलाइन कहीं से भी केस दाखिल कर सकेंगे
- प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और पहुंच में सुधार होगा
‘52 हफ्तों में 52 सुधार’ का रोडमैप
पिछले महीने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर साल 2026 के लिए ’52 हफ्तों में 52 सुधार’ कार्यक्रम का खाका पेश किया था। रेलवे ने 2025-26 में दर्ज 11 रेल दुर्घटनाओं को घटाकर सिंगल डिजिट में लाने का लक्ष्य रखा है। इसकी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
- बुनियादी ढांचे का विस्तार
- मेंटेनेंस प्रणाली में सुधार
- नेटवर्क क्षमता में वृद्धि
- यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाना
- परिचालन सुरक्षा को मजबूत करना
AI और डिजिटल तकनीक पर जोर
सुधार एजेंडे के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग, प्रतिभा विकास और प्रशिक्षण प्रणाली का आधुनिकीकरण तथा भोजन व कैटरिंग सेवाओं में सुधार भी शामिल है। सरकार का कहना है कि ये सुधार भारतीय रेलवे को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।














