सोशल मीडिया पर कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे वायरल किया है और इसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष से जोड़ा है। इस वीडियो में पाकिस्तान के खिलाफ नये भारत- इजरायल गठबंधन को दिखाया गया है। इस वीडियो के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अफगानिस्तान को समर्थन और मदद पैकेज देने का जिक्र कर रहे हैं। ये वीडियो पूरी तरह से गलत है और फर्जी तरीके से बनाए गये हैं।
अफगानिस्तान की मदद को लेकर फर्जी दावे
पीएम मोदी और पीएम नेतन्याहू को लेकर फर्जी दावे किए गये हैं। ना तो भारतीय प्रधानमंत्री और ना ही इजरायली पीएम ने अफगानिस्तान की मदद को लेकर एक शब्द भी कहा है। इजरायल में पीएम मोदी ने किसी भी बयान में अफगानिस्तान का जिक्र भी नहीं किया है। वहीं, इजरायली संसद को भी पीएम मोदी और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अलग अलग संबोधित किया है। इजरायली प्रधानमंत्री ने असल में अपने भाषण में कहा था कि इजरायल, कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे है। डीपफेक वीडियो में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अफगान तालिबान के सुप्रीम लीडर मुल्ला हैबतुल्लाह का नाम लेते हुए और अफगानिस्तान के लिए अरबों डॉलर की मदद का ऐलान करते हुए भी दिखाया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने लिखा है कि ये वीडियो AI जेनरेटेड है। आपको बता दें कि पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के बड़े शहरों पर बमबारी की है, जिसमें राजधानी काबुल भी शामिल है। महीनों तक चली झड़पों के बाद इस्लामाबाद के रक्षा मंत्री ने पड़ोसियों के साथ “खुली जंग” का ऐलान कर दिया। पाकिस्तान का यह नया ऑपरेशन तब हुआ जब अफगान सेना ने गुरुवार रात को इस्लामाबाद के पहले के हवाई हमलों के विरोध में पाकिस्तानी बॉर्डर सैनिकों पर हमला किया। अक्टूबर में हुई जानलेवा लड़ाई के बाद से जमीनी बॉर्डर क्रॉसिंग ज्यादातर बंद हैं, जिसमें दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोग मारे गए थे।













