कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को शराब घोटाने में बरी किए जाने पर दिल्ली की एक सीबीआई कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए यूएनआई वीडियो से कहा , ‘अभी-अभी जानकारी मिली है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को शराब मामले में डिस्चार्ज कर दिया गया है। ये फैसले कहीं न कहीं सवालिया निशान जरूर खड़े करते हैं।’
बरी किए जाने को गुजरात चुनाव से जोड़ा
उन्होंने आगे कहा कि ‘…ये बात इसलिए भी आती है कि जब-जब चुनाव आते हैं, तब-तब उन राज्यों से रिलेटेड जितने भी नेता होते हैं, उनके खिलाफ नए-नए फैसले आने शुरू हो जाते हैं…और उसी क्रम में आज मैं देख रहा हूं कि जब गुजरात में चुनाव हैं, उससे पहले केजरीवाल को डिस्चार्ज करना, मनीष सिसोदिया को डिस्चार्ज करना…।’ बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव 2027 के आखिर में होने हैं।
चिदंबरम पर केस चलाने की अनुमति पर भी सवाल
इसके साथ ही उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति देने के सरकार के फैसले को भी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से जोड़ने की कोशिश की है। दरअसल, मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है और ईडी ने गुरुवार को अदालत से कहा कि उसे चिदंबरम के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मिल गई है।
राउज एवेन्यू कोर्ट से केजरीवाल समेत 23 बरी
इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया के अलावा 21 अन्य लोगों को शराब नीति मामले बरी कर दिया। विशेष जज जितेंद्र सिंह ने अपने फैसले में कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और सिसोदिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई केस नहीं बनता। अदालत ने इस केस में जांच के लिए सीबीआई के अपना गए तरीके की भी कड़ी आलोचना की है।













