अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने शुक्रवार को अपने एक बयान में कहा, ‘हमने आज पाकिस्तान में जरूरी मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया है। पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में हमने इस्लामाबाद में ड्रोन अटैक किया। इसका संदेश साफ है कि हमारा हाथ उनकी गर्दन तक भी पहुंच सकता है।’
शहबाज शरीफ का ऑफिस सुरक्षित नहीं?
तालिबान के सुसाइड ड्रोन और एयर ऑपरेशन ने इस्लामाबाद के फैजाबाद में ‘एटॉमिक’ मिलिट्री ठिकाने को निशाना बनाया। देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के ऑफिस यहां से बहुत करीब होने की वजह से कई सवाल उठे हैं। शुक्रवार सुबह 11 बजे के इस हमले के बाद पूछा जा रहा है कि क्या आर्मी प्रधानमंत्री को सुरक्षा देने में नाकाम हो गई है।
अफगान तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि उसके लड़ाकों ने इस्लामाबाद में फैजाबाद के कैंप के अलावा नौशेरा में पाक आर्मी कैंटोनमेंट, जमरूद मिलिट्री कॉलोनी और एबटाबाद में सफलता के साथ हमले किए हैं। काबुल ने कहा है कि उनके ये हमले पाकिस्तान के काबुल, कंधार और पक्तिया पर की गई स्ट्राइक का बदला हैं।
पाकिस्तान का अफगानिस्तान से जंग का ऐलान
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में झड़पों के बाद इस्लामाबाद की ओर से इसे जंग की शुरुआत कहा गया है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार को अपने एक बयान में कहा है कि अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अफगान तालिबान के खिलाफ खुली जंग का एलान कर रहे हैं।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन पर टीटीपी जैसे गुटों को पनाह मिल रही है। ये गुट पाकिस्तान की आर्मी और आम लोगों के खिलाफ हमले कर रहे हैं। तालिबान शासन पाकिस्तान के इन आरोपों से इनकार करता है। दूसरी ओर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में टीटीपी के ठिकाने बताते हुए हवाई हमले किए हैं। इससे दोनों देशों में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।












