पिछले 10 दिनों में बांग्लादेश की सेना में शीर्ष अधिकारियों के बीच ये दूसरी बार फेरबदल किया गया है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने आर्मी चीफ वकार उर जमान से मुलाकात की थी। लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद फैजुर रहमान, जिनपर पाकिस्तान से करीबी संबंध रखने के आरोप थे, उन्हें पद से हटाकर नेशनल डिफेंस कॉलेज का कमांडेंट बना दिया गया है। यानि उनके पर कतर दिए गये हैं। उनके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद शाहीनुल हक को भी पद से हटा दिया गया है।
पाकिस्तान समर्थक अधिकारियों के काटे गये पत्ते
पिछले साल रहमान ने बांग्लादेश आर्मी में आर्मी चीफ जमान के खिलाफ सत्ता परिवर्तन करने की कोशिश की थी। उन्हें मोहम्मद यूनुस का समर्थन हासिल था। लेकिन उनकी कोशिश नाकाम हो गई थी। जनवरी 2025 में रहमान ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के एक डेलीगेशन के साथ बैठक की थी जो इस्लामाबाद का एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए ढाका आया था। 19 इन्फेंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल हुसैन अल मोर्शेद को आर्मी हेडक्वार्टर में नया एडजुटेंट जनरल बनाया गया है।
बांग्लादेश के जाने-माने इंग्लिश डेली द डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा एडजुटेंट जनरल मेजर जनरल एमडी हकीमुज्जमां को मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (MIST) का नया कमांडेंट बनाया गया है। मेजर जनरल एमडी नसीम परवेज, जो MIST के कमांडेंट के तौर पर काम कर रहे थे, उनका ट्रांसफर विदेश मंत्रालय में कर दिया गया है। फेरबदल का पहला राउंड 22 फरवरी को किया गया था, जब कई टॉप-लेवल आर्मी ऑफिसर्स का ट्रांसफर किया गया था, जिसमें चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस (DGFI) के चीफ शामिल थे।
मोहम्मद यूनुस के करीबियों की छुट्टी!
मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश सेना के कई शीर्ष अधिकारियों को पाकिस्तान और चीन का करीबी बना दिया था। कुछ अधिकारी अमेरिका के भी करीबी थी। तारिक रहमान ऐसे अधिकारियों को बाहर कर रहे हैं। इन अधिकारियों में आर्म्ड फोर्सेज डिवीजन के प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर, लेफ्टिनेंट जनरल एस एम कमरुल हसन भी शामिल थे, जिन्हें MOFA भेजा गया है, जहां वे तब तक “ठहरेंगे” जब तक उन्हें विदेश में कोई असाइनमेंट नहीं दिया जाता। लेफ्टिनेंट जनरल कमरुल हसन सितंबर 2026 में सर्विस से रिटायर होने वाले हैं। जबकि वो मोहम्मद यूनुस के शासन के समय बांग्लादेश के पूर्व NSA और मौजूदा विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के खास समर्थकों में से थे।













