भारतीय छात्रों ने वीडियो जारी कर मदद की अपील की है। छात्रों का कहना है कि हमें नहीं पता अगले वक्त क्या होने वाला है। इन छात्रों का कहना है कि हम बता भी नहीं सकते कि यहां क्या हो रहा है। लगातार हवाई हमले हो रहे हैं। इन छात्रों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से जल्द से जल्द उन्हें यहां से सुरक्षित निकालने की अपील की है।
ईरान में भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, बदलते घटनाक्रम को देखते हुए ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है। दूतावास ने कहा कि सभी भारतीय नागरिक खबरों पर नजर बनाए रखें, आसपास की स्थिति के प्रति जागरूक रहें और भारतीय दूतावास से मिलने वाले आगे के निर्देशों का इंतजार करें।
हमले से पूर्व वहां के हालात और तनाव को देखते हुए भारत ने सोमवार 23 फरवरी को ही ईरान में रहने वाले अपने सभी नागरिकों को सलाह दी कि वे सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कमर्शियल उड़ानों सहित परिवहन के सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करके देश छोड़ दें। जनवरी में आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, छात्रों सहित 10,000 से अधिक भारतीय ईरान में रह रहे थे।
भारत की इस एडवाइजरी के बीच सबसे अधिक मुसीबत वहां मेडिकल की पढ़ाई करने गए छात्रों की बढ़ गई। इन छात्रों का कहना था कोर्स से जुड़ी एक परीक्षा होने वाली है, जो उनके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय छात्रों ने बताया था परीक्षा 5 मार्च को होनी है, जिसकी वजह से वे अभी भी ईरान में रुके हुए हैं। इसे पास करने पर ही उन्हें अस्पताल में प्रैक्टिस की इजाजत मिलेगी।











