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  • ईरान पर हमलों के बीच ‘चीनी तकनीक’ की खुली पोल: क्या फेल हो गया ड्रैगन का HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम?

    तेहरान: ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर चीनी एयर डिफेंस सिस्टमों को तैनात किया था। हालांकि, ये एयर डिफेंस सिस्टम तेहरान पर इजरायली और अमेरिकी हमलों को रोकने में नाकाम रहे। इसी में से एक है चीन का HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम। ईरान ने HQ-9B एयर डिफेंस


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    By Azad Hind Desk मार्च 1, 2026
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    तेहरान: ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर चीनी एयर डिफेंस सिस्टमों को तैनात किया था। हालांकि, ये एयर डिफेंस सिस्टम तेहरान पर इजरायली और अमेरिकी हमलों को रोकने में नाकाम रहे। इसी में से एक है चीन का HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम। ईरान ने HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम को हाल में ही अपने एयर डिफेंस को मजबूत करने के लिए चीन से खरीदा था। यह वही एयर डिफेंस सिस्टम है, जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को भारत के हवाई हमलों से बचाने में नाकाम रहा था। ऐसे में अब चीनी HQ-9B की काबिलियत पर सवाल उठने लगे हैं।

    HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम कैसा है?

    HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम को चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ने विकसित किया है। यह रूसी S-300PMU और अमेरिकन पैट्रियट PAC-2 सिस्टम की तकनीक पर आधारित है। हालांकि, चीन इसे स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम बताता है। इसका पहला टेस्ट 2006 में किया गया था और यह पिछले दस साल से इस्तेमाल हो रहा है। HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज 260 किमी है। यह ज्यादा ऊंचाई पर प्रोजेक्टाइल को मार गिराने के लिए 50 किमी की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।

    100 किमी तक टारगेट को ट्रैक करने की क्षमता

    HQ-9B में एक्टिव रडार होमिंग और पैसिव इंफ्रारेड सीकर जैसे फीचर्स हैं, जो इसे स्टील्थ एयरक्राफ्ट के खिलाफ असरदार बनाते हैं। HQ-9B एक साथ 6-8 टारगेट पर निशाना साध सकता है और 100 तक को ट्रैक कर सकता है। चीन ने HQ-9B को बीजिंग, तिब्बत और साउथ चाइना सी इलाकों में तैनात किया है। ये सभी चीन के स्ट्रेटेजिक हितों के लिए बहुत जरूरी हैं।

    ईरान ने क्यों खरीदा HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और इजरायल के हमले के खतरे को देखते हुए ईरान ने अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए HQ-9B की खरीद की थी। पता चला है कि HQ-9B को ईरान ने चीन के साथ तेल के बदले हथियार डील के तहत खरीदा था। 2025 की लड़ाई के दौरान रूसी S-300PMU-2 के इजरायली मिसाइलों के खिलाफ खराब प्रदर्शन को देखते हुए ईरान ने चीन से HQ-9B खरीद की डील की थी।

    ईरान ने HQ-9B को कहां तैनात किया

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने HQ-9B को नतांज न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स, फोर्डो एनरिचमेंट फैसिलिटी, IRGC के मिसाइल और UAV बेस और तेहरान और इस्फ़हान के पास एयरबेस जैसे खास ठिकानों के आसपास तैनात किया था। इस सिस्टम को S-300PMU-2 और बावर-373 (लंबी दूरी), खोरदाद-15 और राड (मीडियम रेंज) और कम दूरी की टोर-M2, पैंटसिर-S1, ज़ोल्फ़कार, टैक्टिकल MANPADS मिसाइलों के साथ तैनात किया गया था।

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