रिपोर्ट में बताया गया कि मेजर जनरल चौधरी रविवार 1 मार्च को अपनी पत्नी के साथ इंडिगो की फ्लाइट से नई दिल्ली पहुंचे। बांग्लादेश के किसी बड़े आर्मी अफसर और देश की सबसे बड़ी इंटेलिजेंस एजेंसी के प्रमुख का हाल के वर्षों में यह पहला दौरा है। बताया जा रहा है कि चौधरी अगले दो-तीन दिनों तक भारत में रहेंगे। उनके मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भारत आने की बात कही जा रही है।
तारिक रहमान ने प्रमोट कर बनाया DGFI चीफ
मेजर जनरल चौधरी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब बीती 17 फरवरी को तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद बांग्लादेश आर्मी में बड़े बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के तहत की मेजर जनरल चौधरी को ब्रिगेडियर से प्रमोट करके देश की सैन्य इंटेलिजेंस एजेंसी का चीफ बनाया गया। उनके पहले DGFI डायरेक्ट रहे मेजर जनरल मोहम्मद जहांगीर आलम को विदेश मंत्रालय में ट्रांसफर कर दिया गया था।
बांग्लादेश की सेना में शीर्ष पदों पर बदलाव
तारिक रहमान सरकार ने सेना में शीर्ष स्तर पर हुए बदलाव में प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत आने वाले आर्म्ड फोर्सेज डिवीजन (AFD) में प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कमरुल हमन को हटा दिया था। कमरुल हसन तब चर्चा में आए थे, जब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले अंतरिम शासन में उन्होंने पाकिस्तान का दौरा किया और असीम मुनीर समेत शीर्ष पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। कमरुल हसन को रहमान सरकार ने विदेश मंत्रालय में भेज दिया है।
आर्मी चीफ जमान के करीबियों की वापसी
मोहम्मद यूनुस के जाते ही बांग्लादेश के आर्मी चीफ वकार-उज-जमान के करीबियों को अहम जिम्मेदारी मिली है। जनरल मैनुर रहमान को चीफ ऑफ जनरल स्टाफ बनाया जाना इसमें सबसे अहम था। जनरल जमान भारत के साथ अच्छे रिश्तों के समर्थक हैं। इसके अलावा ढाका में मौजूद नेशनल डिफेंस कॉलेज के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद शाहीनुल हक को क्वार्टर मास्टर जनरल बनाया गया है।













