किन-किन क्षेत्रों में दिखाई देगा चंद्रग्रहण ग्रहण
ऐस्ट्रॉलजर सचिन मल्होत्रा ने बताया कि इस बार चंद्रग्रहण भारत में भी दिखाई देने वाला है। लेकिन, भारत में यह चंद्रोदय के दौरान दिखाई देगा। साथ ही चंद्रग्रहण लगने से 9 घंटे पहले ही सूतक काल भी आरंभ हो जाता है। यह चंद्रग्रहण सिंह राशि में और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने जा हाँ है।
| चंद्रग्रहण सूतक काल का समय | सुबह में 6 बजकर 20 मिनट पर |
| चंद्रग्रहण का समय | भारतीय समयानुसार दोपहर में 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू |
| चंद्रग्रहण का खग्रास प्रारंभ | शाम में 4 बजकर 34 मिनट पर |
| चंद्रग्रहण का मध्य | शाम में 5 बजकर 4 मिनट पर |
| चंद्रग्रहण का खग्रास समाप्त | शाम में 5 बजकर 33 मिनट पर |
| चंद्रग्रहण समाप्त | शाम में 6 बजकर 47 मिनट पर |
| चंद्रग्रहण सूतक काल समाप्त | शाम में 6 बजकर 46 मिनट पर |
कहां कहां दिखाई देगा चंद्रग्रहण 2026 ?
ऐस्ट्रॉलजर सचिन मल्होत्रा के अनुसार, वैसे तो यह ग्रहण भारत के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई देगा लेकिन मुख्य रुप से यह चंद्रग्रहण भारत के उत्तर पूर्वी हिस्सों नागालैंड, मिजोरम, असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश आदि में ज्यादा साफ तरीके से दिखाई देगा यानी इन राज्यों में ग्रहण का खग्रास और खग्रास समाप्ति और ग्रहण समाप्ति आसानी से देखी जा सकेगा। साथ ही यह ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
चंद्रग्रहण के दौरान रखें इन बातों का ख्याल
ज्योतिषी सचिन मल्होत्रा ने आगे कहा कि चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा पीड़ित अवस्था में होंगे ऐसे में आपको कोशिश करनी है कि आप मानसिक रुप से प्रार्थना करते रहें। अपने इष्टदेव के मंत्र का जप करते रहें। साथ ही सूतक काल जब से आरंभ हो जाए तब अपने घर के मंदिर पर भी पर्दा कर दें और भगवान की प्रतिमा का स्पर्श न करें। सूतक काल के दौरान पहले से पके खाने और दूध आदि में तुलसी दल या दूर्वा जरुर डाल दें।














