• National
  • विदेश नीति पर बड़ा मतभेद, परंपरा से हटकर ईरान मुद्दे पर सरकार-विपक्ष क्यों अपना रहे अलग रुख?

    नई दिल्ली: तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है, अब इस मुद्दे पर भारत की घरेलू राजनीति में बड़ा विवाद पैदा हो गया है। विदेश नीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जहां आमतौर पर राजनीतिक सहमति रही, वहां इस बार स्पष्ट राजनीतिक विभाजन देखने


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk मार्च 3, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है, अब इस मुद्दे पर भारत की घरेलू राजनीति में बड़ा विवाद पैदा हो गया है। विदेश नीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जहां आमतौर पर राजनीतिक सहमति रही, वहां इस बार स्पष्ट राजनीतिक विभाजन देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार और विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, वाम दलों के बीच अब तक की सबसे गहरे मतभेद देखने को मिल रहे हैं।

    पूरे मामले पर भारत सरकार ने तनाव कम करने के लिए संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पीएम मोदी ने खाड़ी देशों के नेताओं से फोन पर बातचीत की और उनके क्षेत्रों में हुई हमलों की निंदा की। हालांकि पीएम मोदी ने बयानों में अप्रत्यक्ष रूप से ईरान को टारगेट किया।

    पीएम मोदी की इजरायल यात्रा पर विपक्ष हमलावर

    हाल में संपन्न हुई पीएम मोदी की इजरायल यात्रा और दोनों देशों के बीच संबंधों का जिक्र और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रशंसा को विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते का आधार बनाया है। विपक्ष ने खामेनेई की हत्या की निंदा न करने की आलोचना की है। कांग्रेस ने सरकार की चुप्पी और अमेरिका और इजरायल की आलोचना करने से परहेज को नैतिक नेतृत्व का परित्याग बताया है।

    कांग्रेस ने साधा निशाना

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने खामेनेई की हत्या की निंदा की और कहा कि उनकी पार्टी इस बात को दोहराती है कि प्रत्येक राष्ट्र के नागरिकों को अपना राजनीतिक भविष्य तय करने का अविभाज्य अधिकार है। कांग्रेस ने सरकार की चुप्पी को भारत के नैतिक नेतृत्व से पीछे हटना बताया।

    CPM ने सरकार की चुप्पी पर जताई चिंता

    सीपीएम के एम ए बेबी ने कहा कि भारत को वैश्विक दक्षिण के देशों को एकजुट करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए ताकि ईरान में अमेरिका-इजरायल गठबंधन द्वारा किए जा रहे अत्याचारों की निंदा की जा सके। सीपीआई के डी राजा ने ईरान को मित्र देश बताया और सरकार और मोदी की चुप्पी को चिंताजनक बताया।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।