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  • Chandra Grahan 2026 Daan Samagri: चंद्र ग्रहण के बाद स्नान से लेकर दान जरूर करें ये काम, दोष दूर होगा और मिलेगा पुण्य फल

    Lunar Eclipse 2026 Remedies : आज साल का पहले पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले ही इसका सूतक काल शुरू हो चुका है। ज्योतिष में इस अवधि को अशुद्ध माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ वर्जित माना जाता है। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट भी बंद कर


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    By Azad Hind Desk मार्च 3, 2026
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    Lunar Eclipse 2026 Remedies : आज साल का पहले पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले ही इसका सूतक काल शुरू हो चुका है। ज्योतिष में इस अवधि को अशुद्ध माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ वर्जित माना जाता है। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। हालांकि ग्रहण समाप्त होने के साथ ही सूतक काल भी समाप्त हो जाता है। ग्रहण की समाप्ति के बाद दान और स्नान सहित कुछ उपाय करने से इसका दोष दूर होता है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल को अशुभ माना जाता है। इसलिए इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है। साल का पहला चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है और सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं। ऐसे में ग्रहण के बाद गेहूं, गुड़, केसर और लाल कपड़े का दान करना चाहिए। ऐस्ट्रॉलजर सचिन मल्होत्रा ने ग्रहण समाप्त होने के बाद इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए कई तरह के नियम और उपाय बताए हैं।

    चंद्रग्रहण प्रारंभ दोपहर 3 बजकर 20 मिनट
    चंद्रग्रहण खग्रास शुरू दोपहर 4 बजकर 34 मिनट
    चंद्रग्रहण मध्य शाम 5 बजकर 4 मिनट
    चंद्रग्रहण खग्रास समाप्त 5 बजकर 33 मिनट
    चंद्रग्रहण समाप्त 6 बजकर 47 मिनट

    चंद्र ग्रहण के बाद के उपाय (Chandra Grahan 2026 Upay)

    • चंद्र ग्रहण के बाद सबसे पहले खुद को पवित्र करें। स्नान करें और पहनने वाले वस्त्र पर गंगा जल छिड़ककर पवित्र करने के बाद पहने।
    • ग्रहण के बाद गंगा स्नान को शुभ माना गया है। अगर गंगा स्नान संभव न हो तो नहाने रे पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
    • किसी कारणवश स्नान संभव न हो तो व्यक्ति पर गंगा जल का छिड़काव करके साफ वस्त्र पहना दें।
    • घर में गंगाजल का छिड़काव करें। किसी पात्र में गंगा जल लेकर कुशा से सभी जगहों पर जल छिड़के। कुशा ना मिले तो दूर्वा का प्रयोग कर सकते हैं।
    • ग्रहण से पहले रखा हुआ जल फेंक दें। अगर जल अधिक मात्रा में है तो उसमें गंगा जल या तुलसी दल डाल दें।
    • घर की साफ-सफाई के बाद मंदिर की सफाई करें और गंगा जल का छिड़काव कर के देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को साफ करें।
    • ग्रहण के बाद दान को महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान अन्न दान और गौ दान का महत्व यज्ञ के समान होता है। चावल, चीनी, दूध का दान शुभ होता है।
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