इशाक डार ने कहा है कि इस्लामाबाद ने ईरान को सऊदी अरब के साथ अपने डिफेंस पैक्ट की याद दिलाते हुए दोनों पक्षों के बीच शटल कम्युनिकेशन बनाया। ईरान ने सऊदी जमीन का इस्तेमाल अपने खिलाफ इस्तेमाल होने का मुद्दा उठाया तो पाकिस्तान ने उनके इस अंदेशे को दूर किया। इससे ईरान ने सऊदी अरब पर अपने हमले काफी हद तक रोक दिए।
सऊदी और ईरान को समझाया: इशाक डार
इशाक डार ने अपने बयान में कहा, ‘सऊदी अरब के साथ हमारा डिफेंस पैक्ट है और इसके बारे में पूरी दुनिया इसके बारे में जानती है। हम इस समझौते से बंधे हुए हैं। मैंन ईरान की लीडरशिप से कहा कि आप हमारे सऊदी के साथ पैक्ट का ध्यान रखिए। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं सऊदी अरब को बताऊं कि उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं किया जाना चाहिए।’
इशाक डार ने आगे कहा, ‘मैंने सऊदी सरकार से संपर्क किया और ईरान के अंदेशे बताए। सऊदी से भरोसा मिला कि उनकी जमीन से ईरान पर हमला नहीं होगा। मैंने ईरान से बताया कि सऊदी ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने देने का भरोसा दिया है। इसका असर आपने यह देखा कि दूसरे सऊदी अरब और ओमान के खिलाफ ईरान के हमले बहुत कम हो गए हैं।’
पाकिस्तान शांति के लिए अपनी भूमिका निभा रहा
इशाक डार ने बताया कि शनिवार को जब ईरान पर हमले के बाद लड़ाई शुरू हुई तो वह ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) की मीटिंग में शामिल होने के लिए सऊदी अरब में थे। उन्होंने तुरंत सऊदी अरब और ईरान के विदेश मंत्रियों से बात की। उनकी कोशिशों की वजह से सऊदी अरब पर लड़ाई का बहुत कम असर हुआ है।
इशाक डार ने कहा कि ईरान की ओर से कतर, बहरीन और यूएई जैसे देशों पर लगातार अटैक हो रहे हैं लेकिन उनकी कोशिशों से सऊदी और ओमान में लड़ाई का बहुत कम असर है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान लड़ाई खत्म करने में एक्टिव रूप से अपनी भूमिका निभा रहा है। इसके लिए उनकी तुर्की, बांग्लादेश, कतर, ओमान, इराक, बहरीन और अजरबैजान समेत कई देशों के विदेश मंत्रियों से बात हुई है।












