अरुणा ईरानी ने ‘रेडियो सिटी’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने तब डायरेक्टर डेविड धवन से कहा था कि वह यह रोल किसी और को दे दें। पर डायरेक्टर ने उन्हें किसी तरह मना ही लिया। अरुणा ईरानी ने यह भी बताया कि जब उन्हें गोविंदा के ऑपोजिट रोमांटिक रोल का ऑफर मिला तो क्या रिएक्शन था।
गोविंदा संग रोमांस में हिचक रही थीं अरुणा ईरानी
अरुणा ईरानी बोलीं, ‘मैंने डेविड जी से कहा कि हर फिल्म में मैं गोविंदा की मां का किरदार निभाती हूं। यह इमेज इतनी मजबूत हो गई है कि अगर मैं अचानक उनके साथ कोई रोमांटिक और चुलबुला रोल करूंगी, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। प्लीज किसी और को ले लीजिए। मैं यह रोल नहीं करना चाहती।’
डेविड धवन ने अरुणा ईरानी को ऐसे मनाया
अरुणा ईरानी ने आगे बताया, ‘लेकिन डेविड जी अपने फैसले पर अडिग थे। उन्होंने कहा कि नहीं अरुणा जी, आप ये रोल करेंगी। और आप देखेंगी कि लोग आपको कितना पसंद करेंगे। मैं डरी हुई थी, पर मैंने अपना बेस्ट दिया। डेविड जी को सलाम। वह एकदम सही थे। लोगों को मैं रोमांटिक रोल में पसंद आई।’
अरुणा ईरानी की हिचक, गोविंदा ऐसे समझाते थे
अरुणा ईरानी ने बताया कि वह फिर भी गोविंदा संग रोमांस करने में हिचक रही थीं क्योंकि उससे पहले की फिल्मों में उनकी मां का रोल किया था। वह बोलीं, ‘मैं हिचकिचाती और सोचती कि अगर लोग इसे स्वीकार न करें तो क्या होगा? लेकिन गोविंदा मुझे मोटिवेट करते और कहते- करो, अच्छा लगेगा।’ मैं प्रैक्टिस करती और फिर परफॉर्म करती। हम सेट पर खूब हंसते थे।’
‘हसीना मान जाएगी’ की कमाई और कास्ट
‘हसीना मान जाएगी’ साल 1999 में आई थी। इसमें गोविंदा के अलावा करिश्मा कपूर, पूजा बत्रा और संजय दत्त लीड रोल में थे। लेकिन फिल्म में गोविंदा और अरुणा ईरानी के बीच फिल्माया गया रोमांटिक ट्रैक कहानी में अहम ट्विस्ट लेकर आया था और काफी पसंद किया गया। ‘हसीना मान जाएगी’ साल 1999 की पांचवी सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म रही थी। इस फिल्म को गोविंदा के करियर की सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस में से एक माना जाता है। इसमें निभाए मोनू और चाचाजी के रोल के लिए गोविंदा ने काफी अवॉर्ड्स जीते थे।
अरुणा ईरानी का करियर और हिट फिल्में
अरुणा ईरानी की बात करें, तो उन्होंने साल 1961 में फिल्म ‘गंगा जमुना’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फिल्म ‘अनपढ़’ में उन्होंने एक्ट्रेस माला सिन्हा के बचपन का किरदार निभाया था। अरुणा ईरानी ने अपने करियर में कई हिट फिल्में दीं और अवॉर्ड जीते। ये फिल्में हैं:
- कारवां (1971)
- बॉबी (1973)
- फर्ज (1967)
- उपकार (1967)
- दिल तो पागल है (1997)
- बेटा (1992)
- हमजोली (1970)
- नया जमाना (1971)
- बॉम्बे टू गोवा(1972)
- दो फूल (1973)














