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  • ईरानी मिसाइलों ने अमेरिकी नेवी को भारतीय जल क्षेत्र के करीब धकेला, एक्सपर्ट की चेतावनी, युद्ध में ‘पार्टी’ बनने से बचे दिल्ली

    वॉशिंगटन: ईरान ने अपनी समुद्री पड़ोस में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया है। ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं, जो बताती हैं कि ईरानी मिसाइलों ने अमेरिकी डिस्ट्रॉयर को नुकसान पहुंचाने में कामयाबी पाई है। ईरान के हमलों ने अमेरिकी जहाजों को भारत के जल क्षेत्र के करीब धकेल दिया है। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों ने माना


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    By Azad Hind Desk मार्च 4, 2026
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    वॉशिंगटन: ईरान ने अपनी समुद्री पड़ोस में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया है। ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं, जो बताती हैं कि ईरानी मिसाइलों ने अमेरिकी डिस्ट्रॉयर को नुकसान पहुंचाने में कामयाबी पाई है। ईरान के हमलों ने अमेरिकी जहाजों को भारत के जल क्षेत्र के करीब धकेल दिया है। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों ने माना है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई से उनकी नेवी भारत के करीब पहुंची है। दूसरी ओर भारतीय एक्सपर्ट अमेरिका को अपने समुद्री क्षेत्र में आने की इजाजत देने पर एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।

    विदेश मामलों के जानकार जोरावर दौलत सिंह ने एक्स पर एक रिपोर्ट साझा की है। रिपोर्ट बताती है कि ईरानी हमलों का सामना कर रहा अमेरिकी युद्धपोत भारत के पानी के बिल्कुल करीब है। जोरावर ने कहा है कि ईरानी मिसाइलों का अमेरिकी नेवी को भारतीय पानी के करीब धकेलना उन हालात में से एक है, जिसके लिए अमेरिका ने भारत के साथ LEMOA (लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट) पर साइन किया था।

    भारत को सावधान रहने की जरूरत

    जोरावर दौलत सिंह ने इस पूरे मामले में भारत को बहुत ज्यादा एहतियात बरतने के लिए कहा है। उन्होंने लिखा, ‘वॉशिंगटन की ओर से मौजूदा हालात में दिल्ली पर यूएस-इंडिया मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट एक्टिवेट करने का दबाव डाला जा सकता है। ऐसा होने पर अमेरिकी नेवी के एसेट को इंडियन टेरिटोरियल वॉटर में आने का मौका मिल जाएगा।

    जोरावर का कहना है कि इंडिया को अमेरिकी नेवी को अपने जल क्षेत्र में सेफ हेवन (सुरक्षित पनाह देने) ना बनाने देने में सावधान रहना चाहिए। ऐसा होता है तो अमेरिका-ईरान लड़ाई में भारत एक पार्टी बन जाएगा। अमेरिका के ईरान खिलाफ अभियान में भारत अनजाने में भी शामिल होता है तो इसके नतीजे खतरनाक होंगे। यह समय है कि भारत सरकार अपने हितों की रक्षा के लिए बहुत समझदारी से काम ले।

    अमेरिकी विशेषज्ञ ने मानी चुनौती

    ईरान की ओर से दागी जा रही मिसाइलों से नुकसान को अमेरिकी भी स्वीकार रहे हैं। डिफेंस एनालिस्ट और पूर्व अमेरिकी आर्मी कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने टीवी पर कहा है कि यूएस के बेस तबाह किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे हार्बर इंस्टॉलेशन तबाह किए जा रहे हैं। हमें भारत और उसके नेवल पोर्ट पर निर्भर होना पड़ रहा है।

    अमेरिकी नेवी का ईरान के आसपास बड़ा जमावड़ा है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है। इसके बाद ईरान की ओर से जवाबी हमले हो रहे हैं। ईरान की ओर से लगातार दागी जा रहीं मिसाइलों और किलर ड्रोन से हो रहे हमलों ने ताकतवर अमेरिकी नेवी को भारी मुश्किल में डाल दिया है।

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