किन पर की गई स्टडी?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, Randstad ने अपनी स्टडी के लिए 27 हजार कर्मचारियों और 1225 नियोक्ताओं यानी जॉब देने वाली कंपनियों से बात की। इसके अलावा, 35 देशों में 30 लाख से ज्यादा जॉब पोस्टिंग्स का विश्लेषण किया गया।
स्डटी की प्रमुख बातें
- हर 5 में 4 कर्मचारियों को लगता है कि एआई उनके रोज के काम पर असर डालेगा।
- कंपनियां, एआई चैटबॉट और ऑटोमेशन का बहुत अधिक इस्तेमाल कर रही हैं, जो कर्मचारियों में चिंता बढ़ा रहा है।
- ‘एआई एजेंट’ से जुड़ी डिमांग 1587 फीसदी बढ़ी है।
- एआई और ऑटोमेशन अब बार-बार होने वाले कामों की जगह ले रहा है।
भविष्य काे लेकर चिंता क्यों?
एआई का दखल हर क्षेत्र में बढ़ रहा है। इसने एआई आधारित स्किल्स की डिमांड को बढ़ाया है, लेकिन उन लोगों को चिंता में डाला है, जिनका काम ऑटोमेशन में जा रहा है। दुनियाभर की कंपनियों ने गुजरे एक साल में छंटनी की है और वह एआई का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। कंपनियों को उम्मीद है कि एआई के क्षेत्र में उनका निवेश आने वाले वर्षों में फायदा पहुंचाएगा। हालांकि जेन जी काे लगता है कि इसका फायदा कंपनियों को भले मिले, लेकिन कर्मचारियों को कोई लाभ होने की उम्मीद कम है।
स्टडी पर क्या कहा Randstad ने
रिपोर्ट कहती है कि जेन Z (Gen Z) सबसे ज्यादा चिंतित पीढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, 95 फीसदी एम्प्लॉयर को लगता है कि एआई से उनका बिजनेस बढ़ेगा, लेकिन 51 फीसदी कर्मचारी ही इस उम्मीद से सहमत हैं।














