3 कौन से प्रमुख बदलाव?
- सोशल मीडिया कंपनियां अब किसी AI लेबल को हटा या छिपा नहीं सकतीं। यानी किसी फोटो-वीडियो पर अगर एक बार AI का लेबल लग गया तो उसे हटाया नहीं जा सकेगा। वैसा ही रखना होगा।
- सोशल मीडिया कंपनियों को यह निर्देश भी दिया गया है कि वो AI से बनाए गए गंदे और धोखाधड़ी वाले फोटो-वीडियो को रोकने के लिए टूल्स लेकर आएं।
- सोशल मीडिया कंपनियों को हर 3 महीने में अपने यूजर्स को चेतावनी देनी होगी। उन्हें बताना होगा कि एआई का गलत इस्तेमाल करने पर सजा या जुर्माना देना पड़ सकता है।
नए नियम 20 फरवरी से
नय नियम 20 फरवरी से लागू हो जाएंगे। केंद्र सरकार ने इन नियमों का ड्राफ्ट पिछले साल 22 अक्टूबर को जारी किया था। नए आदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से जारी किए गए हैं।
एआई कंटेंट में लेबल लगाने का मतलब क्या?
लेबल किसी भी एआई कंटेंट की सच्चाई को बताएगा। मतलब लोगों को यह पता चल जाएगा कि कोई कंटेंट ओरिजिनल है या उसे एआई से तैयार किया गया है। उदाहरण के लिए आजकल सोशल मीडिया में ऐसे बहुत से वीडियो देखने को मिल रहे हैं जिनमें कोई जानवर इंसान पर हमला करता है। उसे दबोच लेता था। फिर एक नया वीडियो आता है, जिसमें वह जानवर, इंसान को वापस उस जगह लाकर छोड़ देता है, जहां से उसे पकड़ा था। ऐसे वीडियो एआई से तैयार किए जाते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इनमें फर्क नहीं कर पाते। लेबल लगने से लोगों को यह पता चल जाएगा कि वीडियो, एआई की मदद से बनाया गया है।
चालाकी बिलकुल नहीं चल पाएगी
आमतौर पर जब लेबल जैसी शर्तें कंपनियों के पास आती हैं तो अक्सर देखा गया है कि लेबल इस तरह से लगाया जाता है कि वह दिखता नहीं है। नए नियमों के तहत एआई कंटेंट पर लगाया जाने वाला लेबल, विजुअल में कम से कम 10 फीसदी एरिया को कवर करेगा। अगर कोई एआई ऑडियो है तो पहले यह सुनाई देगा कि वह एआई ऑडियो है। रिपोर्टों के अनुसार, इन चीजों हो छुपाया या हटाया नहीं जा सकेगा। सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे तरीके भी अपनाने को कहा गया है जिससे कोई वीडियो अपलोड होने से पहले ही पता चल जाए कि वह एआई तो नहीं है।
आम लोग अब नहीं होंगे गुमराह
नए नियमों से आम लोगों को फायदा होगा। अब उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकेगा। वह एआई कंटेंट को पहचान पाएंगे। इससे गलत जानकारी नहीं फैलेगी। इससे एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि उसके कदमों से इंटरनेट को भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।













