‘कंपनियां पहले से कर रही थीं प्लानिंग’
CNBC-TV18 से बातचीत में ओपनएआई सीईओ ने कहा कि एआई जॉब मार्केट में हलचल मचा रहा है लेकिन इसका असल असर अभी नहीं दिखेगा। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में कंपनियां लोगों को निकालने की वजह एआई और तकनीक को बता रही हैं, जबकि इसकी योजना उन्होंने पहले ही बना ली थी। सैम ने कहा कि एआई की वजह से नौकरियों में जरूर बदलाव हो रहे हैं और आने वाले कुछ वर्षों में यह बदलाव नजर और समझ आने लगेंगे। उन्होंने कहा कि एआई के दौर में नई तरह की नौकरियां पैदा होंगी और जॉब के क्षेत्र में इसका असर आने वाले समय में दिखेगा।
बड़ी-बड़ी कंपनियों ने की AI के नाम पर छंटनी
गौरतलब है कि बड़ी-बड़ी कंपनियों ने हाल में एआई के नाम पर छंटनी की है। इनमें एमेजॉन जैसी बड़ी कंपनी भी है। हालांकि किसी कंपनी ने यह कभी नहीं बताया कि एआई के कारण उनके कामकाज पर कितना असर पड़ा है और इसका नुकसान कितना व्यापक है। फिर भी कंपनियों ने एआई का हवाला देकर लोगों को नौकरी से निकाला है। सैम ऑल्टमैन पहले भी कह चुके हैं कि एआई के कारण नौकरियों में रुकावट जरूर आएगी लेकिन लोग काम के नए तरीके तलाश लेंगे और खुद को एआई के साथ तैयार कर लेंगे।
कई एक्सपर्ट पहले दे चुके चेतावनी
AI के कारण नौकरियों में कटौती की चेतावनी भी दी जा रही है। बड़ी-बड़ी कंपनियों के CEO और एक्सपर्ट आने वाले वर्षों में जॉब्स कम होने की बात कह रहे हैं। हालांकि छंटनी का दौर पिछले साल से ही देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि सैम ऑल्टमैन को भी अब इस मामले में बोलना पड़ा है। OpenAI CEO ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया था। उन्होंने पीएम मोदी के साथ मंच पर अपना हाथ उठाया था। वह मामला भी सुर्खियों में रहा क्योंकि सैम ने मंच पर एआई कंपनी एंथ्रोपिक के सीईओ का हाथ नहीं पकड़ा। बाद में उन्होंने कहा था कि वह नहीं जानते थे, मंच पर क्या होने वाला है।














