1. ऑन-डिवाइस AI मॉडल
आज के फ्लैगशिप स्मार्टफोन AI फोन बन चुके हैं। मौजूदा समय में 30% से ज्यादा ऐसे स्मार्टफोन ऑन-डिवाइस AI मॉडल के लिए तैयार हैं। ऑन-डिवाइस AI मॉडल यानी ऐसा AI मॉडल जो सीधे आपके फोन या कंप्यूटर पर ही काम करता है, बिना इंटरनेट या सर्वर पर डेटा भेजे। अनुमान है कि 2026 में फोन खुद आपके कई काम कर सकेंगे। छोटे-मोटे काम, जैसे रिचार्ज रिमाइंडर, बिल की तारीख, मीटिंग की तैयारी, ये सब AI असिस्टेंट खुद सेट करके आपको बताएगा। मिड रेंज फोन तक भी ऑन-डिवाइस AI मॉडल का फीचर आ सकता है।
2. हेल्थ में AI
स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में 2026 बड़ा बदलाव वाला साल होगा। अब तक स्मार्टवॉच सिर्फ आपके कदम गिनती है, लेकिन 2026 में गैजेट्स ‘AI डॉक्टर’ की तरह काम करेंगे। नए सेंसर और AI एल्गोरिदम आपके पसीने, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन के सूक्ष्म बदलावों से बता देंगे कि अगले 24 घंटों में फ्लू या वायरल बुखार होने वाला है। कैंसर और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों की शुरुआती पहचान के लिए AI मॉडल सस्ते और सुलभ हो जाएंगे। गूगल और Apple जैसी कंपनियों के हेल्थ कोच डेटा के आधार पर बता देंगे कि नींद कम हुई है, ऐसे में भारी वर्कआउट कम करें।
3. अडवांस एजेंटिक AI
2026 का सबसे बड़ा बदलाव चैटबॉट्स का ‘एजेंट’ में बदलना होगा। अब तक आप ChatGPT या Gemini से सवाल पूछते थे, लेकिन 2026 में ये ये सिर्फ बात नहीं करेंगे, बल्कि आपके लिए काम करेंगे। तब AI एजेंट आपकी पसंद की फ्लाइट बुक करेगा, होटल में रूम रिजर्व करेगा, मीटिंग्स के हिसाब से कैब शेड्यूल करेगा और आपकी गैर-मौजूदगी में आने वाले ईमेल्स का जवाब भी ड्राफ्ट कर देगा। बिल गेट्स और OpenAI के एक्सपर्ट का मानना है कि 2026 तक हर व्यक्ति के पास एक ‘पर्सनल AI पॉड’ होगा, जो स्विगी, उबर, मेकमायट्रिप जैसे ऐप खुद से चलाएगा।
4. पर्सनल AI ट्यूटर
2026 तक पर्सनलाइज्ड AI ट्यूटर आम हो ज्यादा सुलभ और सस्ते हो जाएंगे। ये ट्यूटर हर बच्चे की स्पीड, स्ट्रॉन्ग पॉइंट और वीक एरिया के हिसाब से कंटेंट और पढ़ाई का तरीका रखेंगे। घर बैठा बच्चा मोबाइल या टैब पर AI ट्यूचर से पढ़ेगा, जो उससे उसकी भाषा में बात करेगा, सवाल पूछेगा, और गलतियां तुरंत समझाएगा। AI ट्यूटर का अगला वर्जन इतना स्मार्ट होगा कि भाषा बाधा नहीं रहेगी। बिहार, बंगाल के गांव का बच्चा अपनी स्थानीय बोली में सवाल पूछेगा और AI उसे उसी भाषा में सबसे मुश्किल विषय को पढ़ाएगा।
5. होम स्मार्ट AI और रोबॉट
xAI के मालिक इलॉन मस्क का ऑप्टिमस रोबॉट हो या अन्य कंपनियों के ह्यूमनॉइड्स, 2026 तक ये लैब से निकलकर अमीर घरों और फिर धीरे-धीरे आम लोगों के जीवन में आना शुरू कर देंगे। तब तक हर घर में रोबॉट भले न हो, लेकिन आपके घर के उपकरण AI से स्मार्ट जरूर हो जाएंगे। मैटर प्रोटोकॉल और Edge AI की मदद से फ्रिज खुद देखेगा कि दूध खत्म हो गया है और ऑर्डर कर देगा। मिड-रेंज किचन गैजेट्स में भी बेसिक AI फीचर आ सकता है, जैसे गैस बंद करवाने का अलर्ट, ओवरकुकिंग रोकना, बच्चों के हाथ लगने पर सेफ्टी मोड आदि।
6. जॉब सेक्टर का हाल
स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 तक जनरेटिव AI की वजह से कस्टमर सपोर्ट, कंटेंट राइटिंग, बेसिक कोडिंग, डेटा एंट्री और रूटीन ऑफिस टास्क जैसी भूमिकाएं और ज्यादा दबाव में आ सकती हैं, जबकि क्रिएटिव प्लानिंग, स्ट्रैटजी, फील्ड‑वर्क और ह्यूमन इंटरफेस वाली नौकरियां तुलनात्मक रूप से सुरक्षित रह सकती हैं। एक्सपर्ट का संकेत है कि असली चुनौती यह होगी कि कंपनियां AI का इस्तेमाल उत्पादकता बढ़ाने के लिए करती हैं या सिर्फ लागत घटाने और छंटनी के लिए। इन सबके बीच AI से जुड़े कई नए रोल भी बनेंगे।
7. एंटरटेनमेंट में होगा कमाल
नेटफ्लिक्स, अमेजन या यूट्यूब पर क्या देखना है, यह सोचने में समय बर्बाद नहीं होगा। 2026 में जनरेटिव विडियो मेनस्ट्रीम हो जाएगा। आप अपने टीवी या कंप्यूटर से कहेंगे कि मुझे एक ऐसी फिल्म दिखाओ जिसमें 90 के दशक के शाहरुख खान हो, कहानी हैरी पॉटर जैसी हो और जिसकी शूटिंग जयपुर में हुई हो। फिर AI कुछ ही मिनटों में आपके लिए एक पूरी फिल्म या वेब सीरीज तैयार कर देगा। Sora और Runway जैसे टूल्स 2026 तक इतने अडवांस हो जाएंगे कि आम आदमी अपने घर बैठे हॉलीवुड स्तर के विजुअल इफेक्ट्स वाली फिल्में बना सकेगा।
8. पब्लिक ट्रांसपोर्ट में क्या होगा
पूरी तरह से बगैर ड्राइवर वाली कारें 2026 तक भारत की सड़कों पर आम न हों, लेकिन ‘AI को-पायलट’ हर नई गाड़ी में होगा। गाड़ियों में लगे AI सिस्टम ड्राइवर की आंखों को ट्रैक करेंगे। अगर आपको झपकी आ रही है या आपका ध्यान भटक रहा है, तो गाड़ी खुद धीमी हो जाएगी या साइड में लग जाएगी। एक्सीडेंट से बचने के लिए गाड़ियां एक-दूसरे से कनेक्ट हो जाएंगे। जाम खत्म करने के लिए ट्रैफिक लाइट्स AI से कंट्रोल होंगी, जिससे ट्रैवल टाइम 20-30% बचेगा। बस और मेट्रो का रियल टाइम लोकेशन और भी सटीक हो जाएगा।
9. सिक्योरिटी और कानून
2026 में डिजिटल दुनिया जितनी आसान होगी, उतनी ही खतरनाक भी। डीपफेक विडियो और आवाज की नकल करके ठगी के मामले बढ़ सकते हैं। डेटा प्रोटेक्शन, बायस और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर फोकस बढ़ेगा और नियम कड़े होंगे। आपके बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ‘AI बॉडीगार्ड’ तैनात होंगे। ये सिस्टम पहचान लेंगे कि कॉल पर बात करने वाला आपका असली रिश्तेदार है या कोई AI स्कैमर। पासवर्ड का जमाना 2026 तक लगभग खत्म हो सकता है। आपकी पहचान आपके चेहरे, आवाज और व्यवहार से होगी।
10. इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस
2026 में AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, भारी निवेश, क्लाउड-एज इंटीग्रेशन, बिजली बचाने वाले और अडवांस्ड हार्डवेयर पर केंद्रित रहेगा। कंपनियों का डेटा सेंटर, मशीन लर्निंग प्लैटफॉर्म और कंप्यूट क्षमता में विस्तार पर फोकस होगा। दुनियाभर में डेटा सेंटर्स और AI स्पेसिफिक हार्डवेयर की डिमांड तेजी से बढ़ेगी। AI चिप्स, जैसे GPU या TPU का इस्तेमाल बढ़ेगा। ग्रीन डेटा सेंटर्स और AI-ड्रिवन एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम प्राथमिकता पर होंगे।














