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  • AI Bubble: एआई में कयामत! भारत की अर्थव्यवस्था गड़बड़ाएगी, लेकिन पटरी से नहीं उतरेगी, पूर्व गवर्नर का आकलन

    नई दिल्ली: इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं। काफी एक्सपर्ट का कहना है कि यह एक बबल है जो किसी भी दिन फूटकर दुनियाभर की अर्थवयवस्था को हिला सकता है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी नहीं बच पाएगी। देश के सॉफ्टवेयर सेक्टर को चेतावनी भी दी


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    By Azad Hind Desk फरवरी 27, 2026
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    नई दिल्ली: इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं। काफी एक्सपर्ट का कहना है कि यह एक बबल है जो किसी भी दिन फूटकर दुनियाभर की अर्थवयवस्था को हिला सकता है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी नहीं बच पाएगी। देश के सॉफ्टवेयर सेक्टर को चेतावनी भी दी गई है। वहीं इसे लेकर रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का आकलन कुछ और ही है।

    आरबीआई के पूर्व गवर्नर का कहना है कि अगर एआई सेक्टर में ‘कयामत’ का दिन आता है तो देश की सर्विस इकनॉमी कुछ गड़बड़ाएगी, लेकिन पटरी से नहीं उतरेगी। ब्लूमबर्ग से इंटरव्यू के दौरान रघुराम राजन ने कहा कि एआई को खतरा नहीं है। बल्कि यह एक ऐसी ताकत है जो एडजस्टमेंट की मांग करेगी। रघुराम राजन इस समय शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं।
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    क्या पड़ेगा भारत पर फर्क?

    रघुराम ने इंटरव्यू में कहा कि सॉफ्टवेयर के अलावा कई अन्य सेक्टर में भारतीय सेवा क्षेत्र की प्रगति जारी रह सकती है। उन्होंने एआई को एक चुनौती बताया और कहा कि चीजों में समय लगता है। उन्होंने बताया कि जो कंपनियां टेक्नोलॉजी में निपुण नहीं हैं, उन्हें अधिक समय लगेगा। बस यही बात है।

    उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत का आईटी सेक्टर बड़े बदलाव से गुजर रहा है। जैसे-जैसे एआई में तरक्की हो रही है, आईटी सेक्टर झटके महसूस कर रहा है। देश के आईटी सेक्टर को लंबे समय से सेवा आधारित विकास का इंजन माना जाता रहा है। अब आईटी सेक्टर में एआई का काफी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे इंसानों की जरूरत कम होती जा रही है। ऐसे में कंपनियां छंटनी कर रही हैं। राजन ने कहा कि यही टेक्नोलॉजी नए सेक्टर में मांग बढ़ा सकती है, बशर्ते कंपनियां और कर्मचारी तेजी से इसके अनुकूल हो जाएं।

    राजन ने क्या दी सलाह?

    • इंटरव्यू के दौरान राजन ने यह भी बताया कि देश की अर्थव्यवस्था पर क्यों बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।
    • उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कौशल विकास बेहद महत्वपूर्ण होगा।
    • उन्होंने कहा कि भारत की सॉफ्टवेयर कंपनियों और उनके कर्मचारियों को बहुत तेजी से नए कौशल सीखने की जरूरत होगी।
    • उनके अनुसार वास्तविक दुनिया में एआई को अपनाने की गति अभी भी असमान है।
    • राजन के मुताबिक कई ग्लोबल कंपनी अभी भी बड़े पैमाने पर एआई को लागू करने से बहुत दूर हैं। इससे भारतीय कंपनियों को खुद को नए सिरे से स्थापित करने का अवसर मिल रहा है।

    ह्यूमन कैपिटल में निवेश की सलाह

    रघुराम राजन ने सर्विस सेक्टर के अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एआई के बढ़ते प्रभाव की ओर भी इशारा किया। यह वह सेक्टर है जहां रोबोटिक्स में हो रही प्रगति प्रोडक्शन को नया रूप दे रही है। उन्होंने तर्क दिया कि नीतिगत प्राथमिकताओं में इस बदलाव को प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में सब्सिडी देने के बजाय भारत को ह्यूमन कैपिटल (ट्रेनिंग, एजुकेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट) में निवेश करके अधिक लाभ होगा।

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