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  • ‘AI कई काम कर सकता है, लेकिन दिल्ली का ट्रैफिक ठीक नहीं कर सकता’, पूर्व ब्रिटिश PM ने क्यों कहा ऐसा?

    ‘AI कई काम कर सकता है, लेकिन दिल्ली का ट्रैफिक ठीक नहीं कर सकता’ ऐसा कहना है ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का। वे दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के मौके पर बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने भारत की AI क्षमता पर जमकर भरोसा जताया। अपने संबोधन की शुरुआत


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    By Azad Hind Desk फरवरी 20, 2026
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    ‘AI कई काम कर सकता है, लेकिन दिल्ली का ट्रैफिक ठीक नहीं कर सकता’ ऐसा कहना है ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का। वे दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के मौके पर बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने भारत की AI क्षमता पर जमकर भरोसा जताया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने दिल्ली के ट्रैफिक पर चुटकी लेते हुए की। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि AI इस शहर का ट्रैफिक भले न सही कर पाए लेकिन समाज में बड़े बदलाव जरूर ला सकता है।

    इस मौके पर सुनक ने जोर देकर कहा कि पश्चिम में AI को लेकर चिंता और डर का माहौल है। वहीं भारत में इसे लेकर उत्साह और भरोसा है। उन्होंने इस मौके पर यहां तक कहा कि भारत अपनी प्रतिभा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर एआई का ग्लोबल लीडर बनने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

    आविष्कार से ज्यादा इस्तेमाल जरूरी

    रिपोर्ट्स के मुताबिक,(REF.) इस मौके पर ऋषि सुनक ने AI को लेकर खास तरह का दृष्टिकोण भी शेयर किया। उन्होंने कहा कि AI की फील्ड में नेतृत्व सिर्फ नए आविष्कार करने से नहीं किया जाता, बल्कि ये निर्भर करता है कि आप इसे लागू किस तरह से करते हैं। उन्होंने ‘टेक्नोलॉजी एंड ग्रेट पावर्स’ किताब का उदाहरण देकर बताया कि इतिहास ग्वाह है कि कई देशों ने टेक्नोलॉजी का आविष्कार न करके भी उसके सही इस्तेमाल से सबसे ज्यादा फायदा उठाया।

    पश्चिमी देशों की चिंता और भारत का उत्साह

    सुनक ने इस मौके पर भारत और पश्चिमी देशों के नजरिए पर भी बात रखी कि दोनों ही एआई को कितने अलग तरह से देखते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में एआई को लेकर जबरदस्त आशावाद है। वहीं पश्चिमी देशों में फिलहाल इसे लेकर चिंता की भावना ज्यादा है। उन्होंने कहा कि स्टैनफोर्ड की ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी रिपोर्ट में भारत का तीसरे नंबर पर आना यह साबित करता है कि भारत का एआई इकोसिस्टम कितना एक्टिव है।

    उन्होंने राय दी कि AI को लेकर लोगों में विश्वास तभी जगाया जा सकता है, जब एआई से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और प्रभावी सरकारी कामकाज के रूप में लाभ मिले।

    नौकरियों को लेकर सुनक की राय

    ऋषि सुनक ने एआई की वजह से नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर साफ कहा कि एआई नौकरियों के बाजार को जरूर बदलेगा। कई नौकरियां खत्म होंगी, तो कई नई नौकरियां भी डिजाइन की जाएंगी।

    उन्होंने कहा कि सरकार का काम नई तकनीक को रोकना नहीं, बल्कि लोगों को नई भूमिकाओं के लिए तैयार करना है। अपनी बेटियों का जिक्र करते हुए वह बोले कि हमें अगली पीढ़ी को इस एआई दुनिया के लिए सशक्त बनाना होगा।

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