केस के साथ सारे तथ्यों को देखने के बाद नई दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने अपने फैसले में कहा कि ऐसा लगता है कि एयर अरेबिया ने जल्दबाजी में काम किया और वैलिड वीजा होने के बावजूद शिकायतकर्ताओं और उनके बेटे को यात्रा करने से रोक दिया। यह प्रोफेशनल लापरवाही और ‘सर्विस में कमी’ का पक्का मामला है। कोर्ट ने कहा, एयर अरेबिया से शिकायतकर्ताओं को जरूरी सेवाएं देने की उम्मीद थी।
₹150000000000 का नुकसान… विमान हादसे और हवाई क्षेत्र बंद होने से एयर इंडिया को लगेगी तगड़ी चपत
आदेश में क्या कहा कोर्ट ने?
- कमीशन अध्यक्ष पूनम चौधरी की अध्यक्षता वाले कोरम ने एयरलाइंस को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ताओं और उनके बेटे द्वारा एयरलाइंस से खरीदे गए टिकटों की रकम वापस करे।
- प्रत्येक शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा, अपमान और उत्पीड़न पहुंचाने के लिए मुआवजे के तौर पर 1,00,000-1,00,000 रुपये का भुगतान भी करे।
- मुकदमेबाजी के खर्च के तौर पर 50,000 रुपये का भुगतान किया जाए।
एयर इंडिया पर भी लगा था जुर्माना
हाल ही में एयर इंडिया एयरलाइन पर भी डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगा था। दिल्ली की एक कंज्यूमर कोर्ट ने एयर इंडिया को एक इंटरनेशनल फ्लाइट में गंभीर सर्विस में कमी पाए जाने पर 1.50 लाख रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया था।
यह मामला सितंबर 2023 में दिल्ली से न्यूयॉर्क और फिर दिल्ली की यात्रा से जुड़ा है। शैलेन्द्र भटनागर ने अपनी बेटी के साथ एयर इंडिया की दिल्ली-न्यूयॉर्क-दिल्ली इकोनॉमी क्लास की फ्लाइट में यात्रा करने के बाद यह शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने यह टिकट ऑनलाइन बुक किया था। उन्होंने बताया कि विमान की हालत ‘भयानक’ और ‘घिनौनी’ थी, जिससे यात्रा बहुत कष्टदायक हो गई। कोर्ट ने माना कि एयरलाइन ने यात्रियों को वे सुविधाएं नहीं दीं जिनके वे हकदार थे, जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए उनसे अच्छी-खासी रकम ली गई थी।













