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  • Ajit Doval Vs Marco Rubio: भारत को डराइए मत, ट्रंप के हटने का इंतजार करेंगे, डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री को सुना दिया

    नई दिल्ली: हाल ही में एक रिपोर्ट आई है, जिसने तहलका मचा दिया है। ब्लूूमबर्ग की इस रिपोर्ट में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को खरी-खरी सुनाने की बात कही गई है। इस मुलाकात के बाद से ही दोनों देशों के बीच कड़वाहट में कमी आई


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    By Azad Hind Desk फरवरी 5, 2026
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    नई दिल्ली: हाल ही में एक रिपोर्ट आई है, जिसने तहलका मचा दिया है। ब्लूूमबर्ग की इस रिपोर्ट में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को खरी-खरी सुनाने की बात कही गई है। इस मुलाकात के बाद से ही दोनों देशों के बीच कड़वाहट में कमी आई और रिश्ते सहज हो पाए। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया है।

    पुतिन-जिनपिंग और मोदी की मुलाकात से असहज हो गए थे ट्रंप

    टाइम्स ऑफ इंडिया में ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि बीते साल शुरुआती सितंबर की बात है। यह बात तब की है, जब तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक मीटिंग हो चुकी थी। पीएम मोदी ने उस वक्त डोभाल को भारत के अमेरिका से रिश्ते सुधारने के लिए वॉशिंगटन भेजा था। मोदी-जिनपिंग और पुतिन की मुलाकात की तस्वीर वायरल होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप असहज हो गए थे।

    मार्को रुबियो के लिए संदेश लेकर गए थे डोभाल

    अजीत डोभाल विदेश मंत्री मार्को रुबियो के लिए एक संदेश लेकर गए थे। यह बात दिल्ली के उन अधिकारियों ने बताई, जो इस बैठक से परिचित हैं और जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर उन गोपनीय चर्चाओं पर बात की। डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री से कहा कि भारत दोनों देशों के बीच कड़वाहट को पीछे छोड़कर समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करना चाहता है।

    डोभाल ने रुबियो को जमकर सुना दिया

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि डोभाल ने रुबियो से साफ कहा कि भारत ट्रंप और उनके सहयोगियों के दबाव में नहीं आएगा। भारत उनके कार्यकाल के खत्म होने तक इंतजार करेगा। भारत अतीत में भी अमेरिकी प्रशासन की दुश्मनी जैसी हरकतें झेल चुका है। हालांकि, डोभाल ने रुबियो से मुलाकात में कहा कि भारत चाहता है कि ट्रंप और उनके सहयोगी भारत की सार्वजनिक आलोचना कम करें, ताकि दोनों देशों के संबंध फिर से पटरी पर आ सकें।

    भारत टैरिफ और डेड इकनॉमी की बात से आहत

    रिपोर्ट में कहा गया है कि उस समय भारत ट्रंप के अपमानों और अगस्त में उनके द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ से आहत था। ट्रंप ने भारत को उच्च टैरिफ वाली डेड इकनॉमी करार दिया था। ट्रंप ने कहा था कि वह रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को वित्त पोषित कर रहा है।

    डोभाल की मुलाकात के बाद कम हुआ तनाव

    डोभाल की मुलाकात के कुछ ही समय बाद भारत-अमेरिका में तनाव कम होने के पहले संकेत दिखाई दिए। 16 सितंबर को ट्रंप ने मोदी को उनके जन्मदिन पर फोन किया और उनके शानदार काम की प्रशंसा की। साल के अंत तक, दोनों नेताओं ने टैरिफ कम करने के समझौते की ओर बढ़ते हुए चार बार और फोन पर बात की।

    अमेरिका ने भारत की वस्तुओं पर टैरिफ घटा दिया

    अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि मानक राजनयिक प्रथा के अनुसार, वे निजी चर्चाओं का विवरण नहीं देते हैं। बीते सोमवार को ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने मोदी के साथ एक व्यापार समझौता किया है जिससे भारत के सामान पर टैरिफ घटकर 18% हो जाएगा, जो एशिया के अधिकांश समकक्ष देशों से कम है।

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