एएमसीए के लिए एचएएल का ‘मास्टर प्लान’
एचएएल सीएमडी डीके सुनील ने ET को बताया है कि उनकी कंपनी को यह सूचना नहीं मिली है कि उसे एएमसीए प्रोजेक्ट से अभी बाहर कर दिया गया है और इसके प्रोटोटाइप डेवपलेपमेंट की जिम्मेदारी कुछ प्राइवेट कंपनियों को सौंपे जाने की तैयारी है। पहले हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी यही बताया था। लेकिन, अब इसके सीएमडी ने कुछ मीडिया हाउस से कहा है कि जब एक दशक बाद स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट बनाने के लिए बड़े ऑर्डर मिलेंगे तब यह कंपनी जरूर बोली लगाएगी
2035 तक एएमसीए प्रोजेक्ट में शामिल होने का इंतजार
डीके सुनील के मुताबिक ‘अभी एएमसीए प्रोटोटाइप स्टेज में है और हमें उम्मीद है कि बड़ा ऑर्डर (इंडियन एयर फोर्स को सप्लाई के लिए) 2035 के आसपास दिया जाएगा। हम उस समय इसके लिए दावेदार होंगे। अगले दशक में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ में एएमसीएको नहीं रखा गया है।’ मतलब, देश के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर एचएएल मास्टर प्लान बनाकर आगे बढ़ने की सोच चुका है, जिसमें डिजाइन और डेवलपमेंट के पचड़े में वह अभी नहीं पड़ेगी, सीधे प्रोडक्शन में शामिल होने का इंतजार करेगी।
अभी एएमसीए प्रोजेक्ट में पांच प्रोटोटाइप बनने हैं
एचएएल सीएमडी के अनुसार एएमसीए 10 साल का प्रोजेक्ट है और अगर वह मान भी लें कि उसे शुरू में इसे लड़ाकू विमान के पांच प्रोटोटाइप को तैयार करने के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जाता, जब जेट निर्माण के लाइसेंस की बात आएगी, तब टेंडर डालेंगे। पहले स्टेज में शामिल नहीं होने का यह मतलब नहीं है कि आप दूसरे स्टेज का हिस्सा नहीं बन सकते।
मौजूदा प्रोजेक्ट पर फोक करना चाहती है एचएएल
दरअसल, एचएएल अभी उन प्रोजेक्ट पर ज्यादा फोकस करना चाहती है, जिसपर पहले से ही वह काम कर रही है। इसके तहत उसके पास तेजस LCA Mk1A, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर, ट्रेनर, सिविलियन इस्तेमाल वाले हेलीकॉप्टर शामिल हैं। उसके पास इनके ऑर्डर पहले से ही भरे पड़े हैं।
तेजस LCA Mk2 के ऑर्डर के भी इंतजार में एचएएल
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को उममीद है कि उसके पास जल्द ही तेजस LCA Mk2 का भी ऑर्डर आने वाला है। संभावना है कि 4.5वीं पीढ़ी के इस स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान जो Tejas LCA Mk1A का एडवांस वर्जन है, 2030-31 तक उत्पादन का ऑर्डर मिल सकता है।
तेजस LCA Mk1A के 5 फाइटर पूरी तरह से तैयार
फिलहाल एचएएल का पूरा फोकस तेजस LCA Mk1A पर ही है, जिसकी कई डेडलाइन मिस हो चुकी है। कंपनी ने कहा है कि उसके पास पांच फाइटर जेट पूरी तरह से वायु सेना में शामिल होने के लिए तैयार हैं और इंडियन एयर फोर्स से इसको लेकर बातचीत चल रही है। इनकी सप्लाई की अगली डेडलाइन मार्च 2026 है। इनके अलावा 9 और फाइटर जेट भी बन चुके हैं और उन्हें उड़ाकर भी देख लिया गया है।













