क्या है पूरा मामला?
भारत में ऐपल 2021 से एक एंटीट्रस्ट मामले में फंसी है, जो कि इन-ऐप पेमेंट से संबंधित है। इस कानूनी लड़ाई में कंपनी पर 38 बिलियन डॉलर का जुर्माना लग सकता है। वहीं ऐपल ने भारत के नए एंटीट्रस्ट दंड कानून को चुनौती दी है। दरअसल यह कानून CCI को जुर्माने की राशि तय करने के लिए ऐपल के ग्लोबल टर्नओवर का इस्तेमाल करने की मंजूरी देता है। इसके जवाब में CCI ने ऐपल से जांच पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए कहा था। इस पर ऐपल को लंबे समय से मौका दिया जा रहा है।
CCI की सख्त चेतावनी
31 दिसंबर 2025 एक आदेश में CCI ने कहा है कि साफ निर्देश के बाद भी बार-बार समय बढ़ाना सही नहीं है और इससे नियम-कानून कमजोर होते हैं। साथ ही ऐसा करने से मामले को समय पर खत्म करने में समस्या आती है। ऐपल को लेकर CCI का यह भी कहना है कि ऐसी छूट हमेशा के लिए नहीं दी जा सकती। अब CCI ने फैसला किया है कि अगर अगले हफ्ते तक Apple की ओर से जवाब नहीं मिलता, तो वह खुद ही आगे बढ़ेगी और फैसला लेगी। बता दें कि लंबे समय से ऐपल सरकारी आदेश के जवाब देने में सुस्ती दिखा रही है, जिससे मामले को आगे बढ़ाने में समस्या हो रही है।
ऐपल का रुख और आगे क्या?
रिपोर्ट के मुताबिक Apple का मानना है कि CCI अदालती कार्यवाही को रोकने की कोशिश कर रही है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी को है और इससे पहले ऐपल की ओर से CCI को जवाब दिया जाना संभव नहीं है। ऐसे में साफ है कि ऐपल अदालत के फैसले के इंतजार में है। हालांकि अगर Apple जवाब नहीं देती है, तो भारत सरकार सख्त कदम उठा सकती है और भारी जुर्माना लगा सकती है।













