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  • Astrology Facts: क्या लोग बदलते हैं या समय उन्हें बदल देता है?

    अक्सर लोगों से यह कहते सुना है कि “लोग बदल गए”, रिश्तों में कटुता और आस-पास के लोगों के व्यवहार में आए परिवर्तन, इन सबका दोष हम व्यक्तियों पर डाल देते हैं। लेकिन गहराई से समझें तो इन सबके पीछे सयम का परिवर्तन यानि ग्रहों की चाल है। ग्रह और समय परिस्थितियां बदलते हैं और


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    By Azad Hind Desk जनवरी 31, 2026
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    अक्सर लोगों से यह कहते सुना है कि “लोग बदल गए”, रिश्तों में कटुता और आस-पास के लोगों के व्यवहार में आए परिवर्तन, इन सबका दोष हम व्यक्तियों पर डाल देते हैं। लेकिन गहराई से समझें तो इन सबके पीछे सयम का परिवर्तन यानि ग्रहों की चाल है।

    ग्रह और समय परिस्थितियां बदलते हैं और वही परिस्थितियां लोगों के चेहरे, चरित्र और व्यवहार को उजागर करती हैं। सफलता के लिए लोगों पर ध्यान देने से बेहतर है कि आप समय की चाल, ग्रहों का संकेत और ग्रह-नक्षत्रों से प्राप्त शिक्षा को समझें।

    जीवन में जब तक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तब तक अधिकतर लोग अच्छे, सहयोगी और विश्वसनीय दिखाई देते हैं। लेकिन जैसे ही समय करवट लेता है, सुख से दुख, लाभ से हानि, सत्ता से साधारण स्थिति, वैसे ही लोगों का वास्तविक स्वरूप सामने आने लगता है। तब हम कहते हैं, “मैंने तो कभी सोचा नहीं था कि यह व्यक्ति ऐसा निकलेगा।” अगर दार्शनिकों की मानें तो, व्यक्ति नया नहीं हुआ, समय ने परतें हटा दीं, समय बोलता नहीं, समझाता है।

    जो व्यक्ति अपने अच्छे-बुरे समय को नहीं समझ पाता है हर बार यही निष्कर्ष निकालता है कि दुनिया स्वार्थी है। लेकिन जो व्यक्ति समय पर ध्यान देना सीख लेता है, वह समझ जाता है कि लोग नहीं, ग्रहों की चाल बदल रही है, जो लोगों की भूमिकाएँ एवं प्राथमिकताएँ उनके जीवन में बदल रही हैं।

    आज जो आपके साथ खड़ा है, वह कल आपके विरुद्ध भी हो सकता है, यह समय का प्रभाव है। सत्ता, धन, संकट और अवसर, ये चार तत्व समय के साथ मिलकर मनुष्य की असली पहचान उजागर करते हैं। इसलिए ज्ञानी व्यक्ति किसी को अच्छा या बुरा नहीं मानता, वह बस यह देखता है कि समय किस दिशा में बह रहा है। ज्योतिष शास्त्र भी यही सिखाता है कि ग्रह-दशाएँ व्यक्ति के आचरण को प्रभावित करती हैं। एक ही व्यक्ति शुभ समय में दानी और अशुभ समय में कठोर दिख सकता है। यहाँ दोष व्यक्ति का नहीं, समय-काल की परीक्षा का होता है। आपके जीवन में आज जो हो रहा है, वह भी समय की पाठशाला का एक अध्याय है। समय के साथ चलना सीख लेने वाला व्यक्ति कभी भी लोगों के बदलने से विचलित नहीं होता, क्योंकि उसे पता होता है कि अगला पाठ भी समय ही पढ़ाएगा।

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