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  • Baba Ramdev News: रामदेव बोले-मुझे ऐसा दिखाया जा रहा कि मेरा च्यवनप्राश मुझे एलोपैथी की ओर ले जा रहा है, हाईकोर्ट में याचिका

    नई दिल्ली: बाबा रामदेव ने अपने निजता के अधिकारों के हनन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दी है। इस पर सोशल मीडिया से जवाब मांगा गया तो मंगलवार को एक्स ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा है कि पैरोडी, व्यंग्य या राजनीतिक बयानबाजी जैसी चीजें हटाने के लिए बाबा रामदेव ने अपनी याचिका में मांग


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    By Azad Hind Desk फरवरी 18, 2026
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    नई दिल्ली: बाबा रामदेव ने अपने निजता के अधिकारों के हनन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दी है। इस पर सोशल मीडिया से जवाब मांगा गया तो मंगलवार को एक्स ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा है कि पैरोडी, व्यंग्य या राजनीतिक बयानबाजी जैसी चीजें हटाने के लिए बाबा रामदेव ने अपनी याचिका में मांग की है। अगर ऐसा कोई आदेश पारित होता है तो यह नागरिकों की अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन होगा। मामले की सुनवाई आज यानी बुधवार को भी होनी है।

    हाथी पर चढ़े तो कहीं एलोपैथी इलाज लेते हुए दिखाया

    बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्स की ओर से पेश एडवोकेट ने कहा है कि रामदेव ने एक्स पर पोस्ट किए गए 16 लिंक दिए हैं, जिनमें से 14 को पहले ही हटाया जा चुका है। जिन कंटेंट को हटाने की मांग की गई है, उनमें एक यूजर ने तो रामदेव को कार्ल मार्क्स तक बता दिया।
    वहीं, कुछ ऐसी तस्वीरें भी हैं, जिनमें उन्हें एक एलोपैथिक डॉक्टर से इलाज करवाते हुए दिखाया गया है। किसी वीडियो में वह हाथी पर चढ़े हुए दिखाए गए हैं तो कहीं पेट्रोल की कीमतों में भी उनकी फोटो का इस्तेमाल किया गया।

    मेटा ने कहा-निजता के अधिकारों से जुड़ी रिपोर्टिंग पर रोक कैसे

    मेटा की ओर से पेश हुए एडवोकेट वरुण पाठक ने कहा-हमें ऐसे कंटेंट हटाने में कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि, पर्सनालिटी राइट्स से जुड़ी न्यूज रिपोर्टिंग पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। हालांकि, जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा है कि ऐसी निषेधाज्ञा के लिए कोई प्रार्थना नहीं की गई थी और न्यायालय इस पर विचार भी नहीं कर रहा है।

    रामदेव के वकील ने कहा-अपमानजनक कंटेंट हटाएं

    वेबसाइट लॉचक्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाबा रामदेव की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव नायर पेश हुए। उन्होंने सोशल मीडिया की ओर से पेश दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ये अपेक्षा की जाती है कि वह फेयर रहेगा। मगर, इस केस में वह अपमानजनक और निंदनीय सामग्री को हटाने में आपत्ति जता रहा है।

    ‘मेरा च्यवनप्राश मुझे एलोपैथी की ओर ले जा रहा’

    बार एंड बेंच के अनुसार, नायर ने यह भी कहा कि जिन पोस्टों को हटाने की वह मांग कर रहे हैं, वे अपमानजनक हैं। उन्होंने कहा-जहां कहीं भी मेरी निजता के अधिकारों को ठेस पहुंचाने वाली अपमानजनक टिप्पणियां हैं, मैं उन्हें हटाने का अनुरोध कर रहा हूं। मुझे इस तरह दिखाया जा रहा है कि मैं लेटा हुआ हूं और मेरा च्यवनप्राश मुझे एलोपैथी की ओर ले जा रहा है।

    हाईकोर्ट बोला-जो कंटेंट हटवाना चाहते हैं, उनकी लिस्ट लाएं

    इस मामले में सुनवाई के बाद जस्टिस ज्योति सिंह ने यह पाया कि अभी इस मामले में रामदेव के वकील और सोशल मीडिया के वकीलों में असहमति है।
    उन्होंने रामदेव को निर्देश दिया कि वो ऐसे कंटेंट की लिस्ट लेकर आएं, जिन्हें वो हटवाना चाहते हैं। वहीं, सोशल मीडिया से कहा कि आप अपनी और आपत्तियां पेश करें। मामले की सुनवाई 18 फरवरी को होगी।

    बाबा रामदेव ने अपनी याचिका में क्या मांग की है

    बाबा रामेदव ने याचिका में अपने नामों ‘रामदेव’, ‘स्वामी रामदेव’, ‘बाबा रामदेव’, ‘योग गुरु रामदेव’, ‘योग गुरु स्वामी रामदेव’ और अन्य संक्षिप्त नामों, उपनामों या उपाधियों के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए निर्देश मांगे हैं।

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