शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर क्या कहा
शहबाज ने कहा, “भारत मई 2025 में जंग हार गया था, ऐसे में वह प्रॉक्सी के जरिए पाकिस्तान में आतंकवाद फैला रहा है।” पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में पीओके विधानसभा में कथित कश्मीर एकजुटता दिवस से संबंधित एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा, “जब तक भारत अपनी आक्रामक, विस्तारवादी योजनाओं और नापाक साज़िशों को नहीं छोड़ता, तब तक दक्षिण एशिया में स्थायी शांति स्थापित नहीं हो सकती।”
शहबाज ने कश्मीर को लेकर फिर उगला जहर
शहबाज शरीफ ने कहा, “आज हम अपने कश्मीरी भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। पाकिस्तान उनके मकसद के लिए अटूट समर्थन व्यक्त करने के लिए मौजूद है।” शहबाज ने आगे कहा, “कश्मीरियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मैं स्वतंत्रता आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं।” उन्होंने कहा, “इतिहास बताता है कि कश्मीरी अपने बच्चों का बलिदान देने के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी आजादी का कभी नहीं। हर दिन, कश्मीरी दुनिया को सच्चाई का आईना दिखाते हैं।”
बीएलए के हमलों से बिलबिला रहा पाकिस्तान
उनका यह बयान पिछले हफ्ते बलूचिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में विद्रोही समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हालिया हमलों के बाद आया है। 31 जनवरी को विद्रोहियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, डालबंदिन, खारान, पंजगुर, टंप, ग्वादर और पसनी में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर हमले किए। इन हमलों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए। सोशल मीडिया पर बलूच विद्रोहियों के हमलों से डरकर भागते हुए पाकिस्तानी सैनिकों के वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि बलूचिस्तान के एक बड़े इलाके से पकिस्तानी सेना भाग चुकी है और वहां अब बीएलए का कब्जा है।
पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान को लेकर झूठ फैला रही
वहीं, पाकिस्तानी सेना की प्रॉपगैंडा विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने दुनिया को फिर मनगढ़ंत और झूठी कहानी सुनाई है। आईएसपीआर ने गुरुवार को दिए ताजा बयान में दावा किया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन रद्दल फितना 1 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसमें विभिन्न समन्वित अभियानों और सफाई अभियानों में कम से कम 216 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। इसमें कहा गया है कि इन अभियानों में महिलाओं और बच्चों सहित 36 निर्दोष नागरिक, साथ ही 22 सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मी भी मारे गए हैं।













