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  • Bangladesh Elections: चीन बांग्लादेश चुनावों में जमात-ए-इस्लामी का क्यों कर रहा समर्थन, भारत विरोध में छिपा है राज

    बीजिंग: चीन ने बांग्लादेश चुनावों से पहले धार्मिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी को समर्थन दिया है। हाल में ही बांग्लादेश में चीनी राजदूत याओ वेन की जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान के साथ मुलाकात की है। इससे बांग्लादेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इस मुलाकात को बांग्लादेश के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चुनावों से पहले चीन की सोची-समझी


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    By Azad Hind Desk जनवरी 12, 2026
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    बीजिंग: चीन ने बांग्लादेश चुनावों से पहले धार्मिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी को समर्थन दिया है। हाल में ही बांग्लादेश में चीनी राजदूत याओ वेन की जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान के साथ मुलाकात की है। इससे बांग्लादेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इस मुलाकात को बांग्लादेश के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चुनावों से पहले चीन की सोची-समझी कूटनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है। चीन किसी धर्म का समर्थन नहीं करता है। इसे किसी इस्लामिक पार्टी को वैचारिक समर्थन के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य को देखकर उठाया गया कदम बताया जा रहा है।

    किंगमेकर बनेगा जमात?

    न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, चीन इस बात को अच्छी तरह जानता है कि जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश में किसी भी दूसरे दल से ज्यादा लोगों को अपने पाले में करने वाली ताकतों में से एक है। फरवरी में होने वाले चुनाव में जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश को किंगमेकर के रूप में देखा जा रहा है। वह सड़कों पर भीड़ जुटाने वाली ताकतों में से एक है। जमात की संगठनात्मक पहुंच, कैडर अनुशासन और समर्थकों को सड़क पर लाने की क्षमता राजनीतिक अस्थिरता के समय चीन को फायदा पहुंचा सकती है।

    भारत के खिलाफ जमात का होगा इस्तेमाल

    चीन इसे फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में भी देख रहा है। यह न सिर्फ बांग्लादेश के मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है, बल्कि बांग्लादेशी सरकार पर दबाव भी बना सकती है। त्रिशंकु संसद की स्थिति में भी जमात चीन को बड़ा फायदा पहुंचा सकता है। इसके अलावा चीन जमात-ए-इस्लामी के जरिए जब चाहे तब भारत विरोधी माहौल को भी भड़का सकता है। चीन ने जमात-ए-इस्लामी की ताकत शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान देखी है। ऐसे में वह जानता है कि वह इस कट्टर इस्लामिक पार्टी की शक्ति का इस्तेमाल अपने लाभ के लिए कर सकता है।

    BRI को लेकर चीन परेशान

    चीन ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत बांग्लादेश में बंदरगाहों, बिजली परियोजनाओं और कनेक्टिविटी बुनियादी ढांचे सहित महत्वपूर्ण निवेश किया है। हालांकि, राजनीतिक उथल-पुथल, विरोध प्रदर्शन या हिंसक टकराव से उसके निवेश को भी खतरा पैदा हुआ है। ऐसे में वह जमात के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर, राजनीतिक अस्थिरता के हालात में अपने हितों को साधने की कोशिश कर रहा है।

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