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  • Basant Panchami 2026 Mantra : सरस्वती माता के इन मंत्रों का करें जप, जीवन में पाएंगे सफलता

    मां सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी है। इनकी पूजा करने से व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि होती है। मां सरस्वती को संगीत की देवा भी कहा जाता है। माता सरस्वती का प्राकट्य माघ मास की पंचमी तिथि के दिन हुआ था। इसलिए उस दिन


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    By Azad Hind Desk जनवरी 22, 2026
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    मां सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी है। इनकी पूजा करने से व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि होती है। मां सरस्वती को संगीत की देवा भी कहा जाता है। माता सरस्वती का प्राकट्य माघ मास की पंचमी तिथि के दिन हुआ था। इसलिए उस दिन बसंत पंचमी के रुप में मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। बसंत पंचमी के दिन और रोजाना माता सरस्वती के मंत्रों का जप करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। पढ़ें मां सरस्वती पूजा मंत्र।

    सरस्वती मंत्र बुद्धि वृद्धि के लिए

    इस मंत्र का रोजाना कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः ।

    विद्यार्थियों के लिए सरस्वती माता का मंत्र

    सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।
    विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥

    रोजाना सुबह स्नान के बाद इस मंत्र का जप कम से कम 11,21,51 या 108 बार करें।

    इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए अन्य मंत्र

    सरस्वत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो नम:।
    वेद वेदान्त वेदांग विद्यास्थानेभ्य एव च।।
    सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।
    विद्यारूपे विशालाक्षी विद्यां देहि नमोस्तुते।।


    ॐ शारदा माता ईश्वरी मैं नित सुमरि तोय हाथ जोड़ अरजी करूं विद्या वर दे मोय।
    इस मंत्र का जप भी रोजाना करना विशेष लाभकारी माना जाता है।
    परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को विशेष रुप से इस मंत्र का जप जरुर करना चाहिए। साथ ही किसी भी परीक्षा में बैठने से पहले इस मंत्र का जप जरुर करें।
    नमस्ते शारदे देवी, काश्मीरपुर वासिनी,
    त्वामहं प्रार्थये नित्यं, विद्या दानं च देहि में,
    कंबू कंठी सुताम्रोष्ठी सर्वाभरणंभूषिता,
    महासरस्वती देवी, जिव्हाग्रे सन्नी विश्यताम् ।।
    शारदायै नमस्तुभ्यं , मम ह्रदय प्रवेशिनी,
    परीक्षायां समुत्तीर्णं, सर्व विषय नाम यथा।।

    इसके अलावा जब भी आप परीक्षा लिखना आरंभ करें तो मां सरस्वती का मन में ध्यान करते हुए इस मंत्र का जप करें।
    ॐ सरस्वती मया दृष्ट्वा, वीणा पुस्तक धारणीम् ।
    हंस वाहिनी समायुक्ता मां विद्या दान करोतु में ॐ ।।


    सरस्वती पूजा का महत्व

    सरस्वती पूजा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है। बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। साथ ही इस दिन से बसंत ऋतु का आरंभ भी हो जाता है। बसंत पंचमी का पर्व विद्यार्थी, विद्वानों और कलाकारों के लिए अत्यंत फलदायी मावा गया है। साथ ही इस दिन अबूझ मुहूर्त भी होता है इसलिए इस दिन शादी और अन्य मांगलिक कार्य भी किए जाते हैं। इन दिन माता सरस्वती की पूजा करने से व्यक्ति को विशेष ज्ञान की प्राप्ति होती है और शिक्षा से संबंधित कामों में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं।

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