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  • Basant Panchami 2026 Puja Samagri : बसंत पंचमी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट यहां देखें, इस विधि से पूजा करेंगे तो सालभर मां सरस्वती की बनी रहेगी कृपा

    बसंत पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन सरस्वती माता की पूजा करने का विधान होता है। ऐसा करने से विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इसी तिथि पर सरस्वती मां का प्राकट्य हुआ था। इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी। बसंत पंचमी


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    By Azad Hind Desk जनवरी 21, 2026
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    बसंत पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन सरस्वती माता की पूजा करने का विधान होता है। ऐसा करने से विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इसी तिथि पर सरस्वती मां का प्राकट्य हुआ था। इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी। बसंत पंचमी पर इस बार ग्रहों का बहुत शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी पूरे विधि विधान सरस्वती माता की पूजा करनी चाहिए। इससे शिक्षा के क्षेत्र में लाभ प्राप्त होता है। तो आइए विस्तार से जानें की सरस्वती पूजा के लिए कौन-कौन सी चीजें आवश्यक हैं और कलश व सरस्वती मां की पूजा करने की विधि…

    बसंत पंचमी 2026 सरस्वती पूजा सामग्री लिस्ट
    सरस्वती पूजा के लिए हल्दी, कुमकुम, धूपबत्ती, इत्र, सिंदूर, रोली, अक्षत, आम के पत्ते, पीले रंग के फूल, फूलों की माला, लकड़ी की चौकी, पीला वस्त्र, कलश, पके हुए केले की फली, नारियल, भोग के लिए मालपुआ, गाय का घी, दूध से बनी मिठाई, तिल के लड्डू, गुलाल, श्रृंगार का सामान और पीले रंग की चुनरी या साड़ी की आवश्यकता होती है।

    बसंत पंचमी 2026 सरस्वती पूजा विधि

    • बसंत पंचमी पर स्वच्छ होकर सबसे पहले पूजा घर में एक लकड़ी की चौकी रखें। उस पर पीले रंग का वस्त्र बिछाएं और मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
    • चारों ओर गंगाजल का छिड़काव करें फिर, माता सरस्वती का आचमन करके स्नान कराएं। इसके बाद, देवी को फूल माला आदि अर्पित करें।
    • मां सरस्वती को सिंदूर, अक्षत आदि और श्रृंगार का सामान भी अर्पित करें। बसंत पंचमी के दिन माता के चरणों में गुलाल जरूर लगाना चाहिए।
    • फिर, सरस्वती माता को वस्त्र पहनाकर विधि-विधान से पूजा अर्चना करें और उन्हें पकवानों, मिठाई, फल आदि का भोग लगाएं।
    • बसंत पंचमी के दिन पुस्तक, कॉपी आदि की भी पूजा करना चाहिए और जरूरतमंदों को पढ़ाई का सामान दान करें।
    • माता सरस्वती और भगवान गणेश की पूजा करने के पश्चात सभी को प्रसाद बांटे। शाम के समय भी देवी सरस्वती की विधि विधान से पूजा अवश्य करनी चाहिए।

    बसंत पंचमी पर कलश पजून विधि

    • सरस्वती पूजा के दिन कलश पर मोली बांधकर उसके ऊपर आम के पत्ते रखें। इसके बाद, कलश में दूर्वा, सुपारी, अक्षत और मुद्रा डालें।
    • कलश के गले पर मोली लपेटकर नारियल को कलश पर रख दें। अब अपने हाथ में कुछ अक्षत लेकर वरुण देवता का कलश में आव्हान करें- ‘ओम त्तत्वायामि ब्रह्मणा वन्दमानस्तदाशास्ते यजमानो हविभि:, अहेडमानो वरुणेह बोध्युरुशंस मान आयु: प्रमोषी:। (अस्मिन कलशे वरुणं सांगं सपरिवारं सायुध सशक्तिकमावाहयामि, ओ३म्भूर्भुव: स्व:भो वरुण इहागच्छ इहतिष्ठ। स्थापयामि पूजयामि।)’
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