भारत कोकिंग कोल के IPO का साइज सिर्फ 1,071 करोड़ रुपये था, लेकिन निवेशकों ने 1.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के बिड लगाए। स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक निवेशकों ने ऊपरी प्राइस बैंड 23 रुपये पर 50,93,16,75,600 शेयर खरीदे। इसका मतलब है कि कुल बिड वैल्यू लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। शेयर बाजार में उथल-पुथल के बावजूद सभी तरह के निवेशकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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किस कैटगरी में कितनी बोली?
इस पर बोली लगाने में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) सबसे आगे रहे। इस कैटगरी में यह आईपीओ 311 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसी तरह नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने भी 258 गुना ज्यादा बिड किए। रिटेल इनवेस्टर्स कैटगरी में यह 49 गुना सब्सक्राइब हुआ। कर्मचारियों के लिए रखे गए शेयरों में 5 गुना बोलियां आईं जबकि मौजूदा शेयरधारकों ने 87 गुना ज्यादा सब्सक्रिप्शन दिया।
जानकारों का कहना है कि इस शानदार रिस्पॉन्स के पीछे कई कारण हैं। लेमन मार्केट डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग का कहना है कि यह जबरदस्त रिस्पॉन्स भारत कोकिंग कोल की मोनोपॉली वाली स्थिति और लंबे समय तक चलने वाली मांग को लेकर निवेशकों के भरोसे को दिखाता है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल सेगमेंट में इतना ज्यादा ओवरसब्सक्रिप्शन दिखाता है कि निवेशकों को वैल्यूएशन सही लगा और उन्हें लिस्टिंग पर अच्छे मुनाफे की उम्मीद है।
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कितना है जीएमपी?
भारत कोकिंग कोल भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक है। यह देश का एकमात्र ऐसा स्रोत है जहां से अच्छी क्वालिटी का प्राइम कोकिंग कोल मिलता है, जो स्टील बनाने के लिए बहुत जरूरी कच्चा माल है। कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, अप्रैल 2024 तक कंपनी के पास लगभग 7.91 अरब टन कोकिंग कोल का अनुमानित भंडार था। यह भारत के कुल कोकिंग कोल संसाधनों का लगभग 21.5% है। ipowatch.in के मुताबिक ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 13.3 रुपये यानी 57.82 फीसदी के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा है।












