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  • Board of Peace: दुनियाभर को न्योता, शामिल हुए पाकिस्तान समेत चंद पिछलग्गू, ट्रंप के गाजा बोर्ड ऑफ पीस से भारत का भी किनारा

    वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में गाजा बोर्ड ऑफ पीस को लॉन्च किया है। इस मौके पर पाकिस्तान समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की नई बोर्ड ऑफ पीस के लिए साइनिंग सेरेमनी में 20 से भी कम देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बड़ी बात


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    By Azad Hind Desk जनवरी 22, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में गाजा बोर्ड ऑफ पीस को लॉन्च किया है। इस मौके पर पाकिस्तान समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की नई बोर्ड ऑफ पीस के लिए साइनिंग सेरेमनी में 20 से भी कम देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बड़ी बात यह है कि इसमें अमेरिका के पारंपरिक पश्चिमी यूरोपीय सहयोगियों में से कोई भी नहीं था। इस समारोह में स्टेज पर मौजूद प्रतिनिधियों में ज्यादातर मिडिल ईस्ट और दक्षिण अमेरिका के देश थे। भारत को भी बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण मिला है, लेकिन इसमें नई दिल्ली का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ।

    ट्रंप ने क्या कहा

    दावोस में बोर्ड ऑफ पीस की साइनिंग सेरेमनी में जिन देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे, उनमें सऊदी अरब, पाकिस्तान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, अर्जेंटीना और पैराग्वे के नेता शामिल थे। इस मौके पर ट्रंप ने उनसे कहा, “आज आपकी मौजूदगी से हम सच में सम्मानित महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि “हर कोई” उनके शांति बोर्ड का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि वह “संयुक्त राष्ट्र सहित कई अन्य लोगों के साथ काम करना” जारी रखेंगे।

    8 युद्धों को सुलझाने का दावा दोहराया

    इस मौके पर ट्रंप ने अपने इस दावे को दोहराया कि उन्होंने पद संभालने के बाद से आठ युद्धों को सुलझाया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि एक और समझौता “बहुत जल्द होने वाला है”। यूक्रेन युद्ध पर उन्होंने कहा, “जिसके बारे में मैंने सोचा था कि यह आसान होगा, वह शायद सबसे मुश्किल साबित हुआ है।” फिर उन्होंने समारोह में मौजूद लोगों को धन्यवाद दिया, जिसमें UK के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी शामिल थे।

    यूरोप का ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस से किनारा

    ट्रंप की शांति योजना में परिकल्पित बोर्ड ऑफ पीस को लेकर यूरोप में सबसे ज्यादा मतभेद देखने को मिले। कुछ पश्चिमी यूरोपीय देशों ने शामिल होने से इनकार कर दिया, जबकि अन्य ने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। नॉर्वे और स्वीडन ने बुधवार को कहा कि वे आमंत्रण स्वीकार नहीं करेंगे। इससे पहले, फ्रांस ने भी मना करते हुए इस बात पर जोर दिया था कि हालांकि वह गाजा शांति योजना का समर्थन करता है, लेकिन उसे चिंता है कि बोर्ड संघर्षों के समाधान के मुख्य मंच के रूप में संयुक्त राष्ट्र की जगह लेने का प्रयास कर सकता है।

    पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने पर क्या कहा

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि गाजा संघर्षविराम योजना की निगरानी के लिए प्रस्तावित अमेरिका की अगुवाई वाले ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने पर कोई भी फैसला रणनीतिक साझेदारों से परामर्श के बाद ही लिया जाएगा। बुधवार देर रात राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक की शुरुआत में पुतिन ने कहा, “पीस बोर्ड में हमारी भागीदारी के संबंध में विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वह प्राप्त दस्तावेज़ों का अध्ययन करे, इस मुद्दे पर हमारे रणनीतिक साझेदारों से परामर्श करे और उसके बाद ही हम भेजे गए निमंत्रण पर प्रतिक्रिया दे सकेंगे।” पुतिन ने कहा,”हमने हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को मजबूत करने के प्रयास का समर्थन किया है और आगे भी करेंगे। हम यूक्रेन संकट के समाधान की तलाश में अमेरिकी प्रशासन के योगदान को भी अहमियत देते हैं”

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