‘बॉर्डर’ फिल्म में लोंगेवाला की लड़ाई को दिखाया गया है। इस युद्ध में शामिल रहे मोहाली के हवलदार मुख्तियार सिंह का दावा है कि मोर्चे पर 120 भारतीय जवान थे। उन्होंने कहा है कि फिल्म में वॉर से जुड़ी सच्ची घटना को फिल्म को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे वो दुखी हैं।
‘हम उस मोर्चे के असली हीरो हैं लेकिन हमें तो कोई पूछता नहीं’
मुख्तियार सिंह इस फैक्ट्स को लेकर 2 साल से राजस्थान के सीएम, रक्षा मंत्री और पीएम को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने कहा है कि सनी देओल से वो बस इतना ही चाहते हैं कि अगर कुछ नहीं कर सकते तो कम से कम उस युद्ध में जिंदा रहे सैनिकों से केवल मुलाकात कर लें। उन्होंने अपनी शिकायत जताते हुए कहा, ‘हम उस मोर्चे के असली हीरो हैं लेकिन हमें तो कोई पूछता नहीं है।
‘मेसेज दिया कि पाकिस्तान साइड से आर्मी के टैंक आ गए ‘
मोहाली के कुराली में रहने वाले हवलदार मुख्तियार सिंह इस समय 81 साल के हैं। भास्कर की रिपोर्ट में बताया जाता है कि हवलदार मुख्तियार सिंह ने कहा कि उन्होंने रेकी करते जहाज को देखकर अलर्ट दे दिया था। उन्होंने कहा, ‘उस समय मैं 26 साल का था। ये कहानी 4 और 5 दिसंबर 1971 की है।’ उन्होंने बताया कि वो तब सेना में क्लर्क थे और गलती से उनकी पोस्टों के अंदर चले गए थे। उनके साथ जो कुत्ते थे वो भाग गए जिसके बाद धीरे-धीरे पीछे हटे। मुख्तियार सिंह ने कहा कि उस समय मोर्चे पर कुल 120 जवान थे। उन्होंने कहा, ’24-25 लोग अधिकारी धर्मवीर के साथ पेट्रोलिंग पर थे। जब वे पेट्रोलिंग कर रहे थे तो उन्हें गड़गड़ाहट की आवाज आई।’ मुख्तियार सिंह ने बताया कि अच्छी तरह देखा तो चांदपुरी साहब को मेसेज दिया कि पाकिस्तान साइड से आर्मी के टैंक आ गए हैं।
‘पाकिस्तान के 45 टैंक क्रॉस कर आए थे’
उन्होंने कहा, ‘चांदपुरी साहब ने सबको इकट्ठा कर लिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शुरू होने वाला है, आप लोग अलर्ट हो जाएं। उस समय देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं और वो उस दिन कोलकाता में थीं। 3 तारीख को मेरे पास रेडियो था। अनाउंसमेंट हुआ कि इमरजेंसी लग गई है, आर्मी मोर्चे पर जाएं। पाकिस्तान के 45 टैंक क्रॉस कर आए थे। पाकिस्तान के टैंक अपनी आर्मी को उस समय कवरिंग फायर दे रहे थे।’
कहा- इस फिल्म में सारे जवान शहीद दिखा दिए
मुख्तियार सिंह ने इसी बातचीत में बताया कि उस रात डेढ़ बजे उनका पहला गोला हमारी साइड गिरा था। उन्होंने कहा, ‘चांदनी रात थी, सब कुछ साफ दिखाई दे रहा था। उस युद्ध में हमारी सिर्फ तीन कैजुअल्टी हुईं, इसके अलावा सारे जवान ठीक थे। इस फिल्म में सारे जवान शहीद दिखा दिए।’ उनका कहना है कि वो चाहते हैं कि इतिहास को सही तरह से दिखाया जाए।
बताया- पहले फिल्म की कहानी पर ध्यान नहीं दिया
उन्होंने ये भी बताया कि फिल्म की रिलीज के इतने साल बाद वो ये बातें अब क्यों कह रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘पहले मैंने फिल्म की कहानी पर ध्यान नहीं दिया। फिर मीडिया वाले मेरे साथ जगदेव सिंह से फिरोजपुर में मिले। जगदेव ने ही उन्हें मेरा नंबर दिया था। उसके बाद दो साल पहले मैंने सेना को इस बारे में पत्र लिखकर जानकारी दी। इसके बाद हमें 31 मीडियम रेजिमेंट लोंगेवाला ने वहां बुलाया और फिर 2024 में हमने वहां जाकर उन्हें सारी बातें बताई।’
‘इतने साल हो गए लेकिन सरकार ने हमें अभी तक पूछा नहीं’
मुख्तियार सिंह ने भास्कर से हुई इस बातचीत में सरकारी रवैये पर भी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि इतने साल हो गए लेकिन सरकार ने हमें अभी तक पूछा नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि अब उस दौर से बहुत कम जिंदा बचे हैं, शायद 10-20 लोग। हम देश के सिपाही हैं। सनी देओल को हमें क्या देना है? जब बॉर्डर रिलीज हुई, तो उससे पहले वे अलग-अलग यूनिट में गए थे। हम तो उस युद्ध में लड़कर आए हैं लेकिन सेना की तरफ से हमें महावीर चक्र, सेना मेडल या कोई अन्य मेडल नहीं दिया गया।’ उन्होंने कहा कि हमें तो कोई पूछता नहीं है, हमें कोई लालच नहीं है।
‘सनी देओल हमारे नाम पर पैसे कमा रहे हैं’
लोंगेवाला की लड़ाई मेंशामिल रह चुके मुख्तियार सिंह ने कहा, ‘सनी देओल हमारे नाम पर पैसे कमा रहे हैं। वे किसी टीवी या पेपर में ये जानकारी दें कि उस समय 23 लोग पंजाब के जो लोग थे, हमारे जवान बहादुरी से लड़े थे।’













