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  • Budget 2026: नौकरी वालों को बजट में मिलेगा बड़ा गिफ्ट? ₹1.25 लाख तक हो सकता है स्टैंडर्ड डिडक्शन

    नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बजट पर मिडिल क्लास की भी नजरें होंगी। माना जा रहा है कि आम आदमी को टैक्स में कुछ राहत मिल सकती है। खासकर स्टैंडर्ड डिडक्शन ( Standard Deduction ) में बढ़ोतरी की उम्मीदें जोरों पर हैं। स्टैंडर्ड डिडक्शन एक


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    By Azad Hind Desk जनवरी 23, 2026
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    नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बजट पर मिडिल क्लास की भी नजरें होंगी। माना जा रहा है कि आम आदमी को टैक्स में कुछ राहत मिल सकती है। खासकर स्टैंडर्ड डिडक्शन ( Standard Deduction ) में बढ़ोतरी की उम्मीदें जोरों पर हैं। स्टैंडर्ड डिडक्शन एक ऐसी सीधी-सादी कटौती है जो आपकी कुल कमाई (Gross Income) में से सीधे घटा दी जाती है। यह एक तय रकम होती है, जिससे नौकरीपेशा लोगों और पेंशनभोगियों को हर साल अपने टैक्स के बोझ को कम करने में मदद मिलती है। माना जा रहा है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये से 1.25 लाख रुपये तक कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो इससे मिडिल क्लास को काफी राहत मिलेगी।

    इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार ओस्गन कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मानस चुग का कहना है कि बजट 2026 में पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कुछ जरूरी बदलाव होने चाहिए। इनमें स्टैंडर्ड डिडक्शन प्रमुख है। उन्होंने कहा कि न्यू रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर देना चाहिए। वहीं दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की वकील नूपुर महाराज कहती हैं कि मिडिल क्लास को राहत देने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करना चाहिए।
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    अभी कितना है स्टैंडर्ड डिडक्शन?

    अभी इनकम टैक्स की दो व्यवस्थाएं हैं। पुरानी और नई। अगर आप पुराने टैक्स सिस्टम में हैं, तो यह रकम 50,000 रुपये है। यानी 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। वहीं नए टैक्स सिस्टम में साल 2024 में इसे बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया था। सरकार ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को नए टैक्स सिस्टम की ओर लाने की कोशिश कर रही है। इसलिए, उम्मीद है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन जैसी कोई भी बड़ी घोषणाएं नए टैक्स सिस्टम में ही की जाएंगी।

    नए टैक्स रिजीम में मिल सकता है फायदा

    सरकार इस समय नए टैक्स रिजीम को बढ़ावा देने में लगी है। पिछले साल सरकार ने 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री किया था। यह फायदा भी नए टैक्स रिजीम में आईटीआर फाइल करने वालों के लिए है। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह रकम 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है, क्योंकि उन्हें 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलता है। अगर सरकार इस बार स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर सैलरी वालों को फायदा देती है तो यह भी इनकम टैक्स की नई व्यवस्था में हो सकता है।

    क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ना चाहिए?

    कई टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए टैक्स सिस्टम में स्टैंडर्ड डिडक्शन की रकम बढ़ाई जानी चाहिए। इसकी वजह सीधी है। नए टैक्स सिस्टम में पुराने टैक्स सिस्टम की तरह ज्यादातर कटौतियां (Deductions) और छूट (Exemptions) नहीं मिलतीं। अगर स्टैंडर्ड डिडक्शन की रकम बढ़ाई जाती है, तो ज्यादा लोग इस झंझट-मुक्त नए टैक्स सिस्टम को अपनाएंगे। कुछ एक्सपर्ट्स तो यह भी कहते हैं कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को महंगाई से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि बढ़ती महंगाई के हिसाब से यह रकम अपने आप बढ़ती रहे।

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