सोने की खरीद पर 3 फीसदी जीएसटी लगता है जबकि मेकिंग चार्ज पर 5 फीसदी जीएसटी का प्रावधान है। अगर फिजिकल गोल्ड का होल्डिंग पीरियड 24 महीने तक है तो स्लैब रेट्स के हिसाब से शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन लगता है। अगर होल्डिंग पीरियड 24 महीने से ज्यादा है तो इनडेक्सेशन बेनिफिट्स के बिना 12.5 फीसदी का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। डिजिटल गोल्ड और सिल्वर पर भी फिजिकल गोल्ड की तरह टैक्स लगता है। हालांकि इस पर 5 फीसदी का मेकिंग चार्ज अप्लाई नहीं होता है।
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विरासत में मिला सोना
माता-पिता, पति-पत्नी या भाई-बहनों से तोहफे के रूप में मिले सोने और चांदी पर कोई टैक्स नहीं है। लेकिन रिश्तेदारों के अलावा किसी और से मिली 50,000 रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी पर टैक्स लगेगा। यह टैक्स तोहफा स्वीकार करने वाले को देना होगा। भारत में विरासत टैक्स नहीं है। जब विरासत में मिले सोने या चांदी को बेचा जाता है तो कैपिटल गेन की गणना मूल मालिक की परचेज कॉस्ट पर होती है। इसमें होल्डिंग पीरियड में पिछले ऑनर की अवधि भी शामिल होती है।
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ईटीएफ के नियम
अगर गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ का होल्डिंग पीरियड 12 महीने तक है तो गेन पर स्लैब रेट्स के हिसाब से टैक्स लगेगा। अगर होल्डिंग पीरियड 12 महीने से ज्यादा है तो टैक्सेशन के बिना 12.5 फीसदी टैक्स लगेगा। टैक्स की गणना के लिए गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ को लिस्टेड सिक्योरिटीज की तरह माना जाएगा। गोल्ड एंड सिल्वर म्यूचुअल फंड के मामले में अगर होल्डिंग पीरियड 24 महीने तक है तो गेन पर स्लैब रेट्स के हिसाब से टैक्स लगेगा। अगर होल्डिंग पीरियड 24 महीने से ज्यादा है तो गेन पर टैक्सेशन के बिना 12.5 फीसदी टैक्स लगेगा।












