घर, इंटरनेट कनेक्शन और रसोई से जुड़े सवाल
इनमें घर की दीवारें, छत ओर फर्श बनाने में क्या-क्या सामग्री इस्तेमाल की गई। घर में इंटरनेट कनेक्शन है या नहीं। रसोई है तो उसमें एलपीजी इस्तेमाल करते हैं या पीएनजी या फिर लकड़ी, कोयला या ईंधन का कोई और स्रोत। घर का इस्तेमाल किस रूप में कर रहे हैं। यानी घर रहने के लिए ही है या फिर इसका इस्तेमाल रहने के साथ-साथ किसी और काम के लिए भी किया जा रहा है। मकान की हालत कैसी है। मसलन अच्छी, रहने लायक या फिर जर्जर।
परिवार के मुखिया का नाम
घर में कितने परिवार और इन परिवार में कितने लोग रहते हैं। परिवार के मुखिया का नाम और उस मुखिया का लिंग बताना होगा। इसके साथ ही क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य से संबंधित है। घर की ऑनरशिप का स्टेटस क्या है। घर में कितने लोग हैं और उनके रहने के लिए कितने कमरे हैं। परिवार में शादीशुदा कितने जोड़े हैं।
पानी के लिए कौन सा साधन इस्तेमाल करते हैं?
मकानों की गणना में पीने के पानी का मुख्य स्रोत भी पूछा जाएगा। जिसमें पीने के पानी के लिए क्या सरकारी पानी, बोरिंग, कुएं या अन्य किस तरह से पीने के पानी का इंतजाम किया जाता है। पीने के लिए लोगों को क्या पर्याप्त पानी मिल भी पा रहा है या नहीं। घर में लाइट का मुख्य स्रोत क्या है। मसलन बिजली, लालटेन या अन्य कोई स्रोत। घर में शौचालय है भी या नहीं। है तो इंडियन या वेस्टर्न। गंदे पानी की निकासी का कोई इंतजाम। नहाने के लिए बाथरूम है या नहीं। खाना पकाने के लिए मुख्य रूप से कौन सा ईंधन इस्तेमाल करते हो।
घर में रेडियो, ट्रांजिस्टर, टेलीविजन है या नहीं। साथ ही घर में इंटरनेट कनेक्शन भी है या नहीं। इसके अलावा लैपटॉप और कंप्यूटर की संख्या भी पूछी जाएगी। जबकि घर में लैंडलाइन टेलिफोन, मोबाइल फोन और स्मार्टफोन के बारे में भी डेटा लिया जाएगा।
कार, जीप और वैन के साथ-साथ साइकिल, स्कूटर, बाइक और मोपेड की संख्या भी बतानी होगी। खाने में परिवार कौन सा अनाज इस्तेमाल करता है। अंत में मोबाइल नंबर भी मांगा जाएगा। जो जनगणना संबंधी सूचना के लिए लिया जाएगा।
34 लाख सर्वे करने वाले और सुपरवाइजर लगाए जाएंगे
फील्ड में डोर-टू-डोर जनगणना करने के लिए 34 लाख सर्वे करने वाले और सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। इसके अलावा एक लाख 30 हजार जनगणना पदाधिकारी तैनात किए जाएंगे। जनगणना में जाति भी पूछी जाएगी और यह पूरी तरह से डिजिटल की जाएगी। इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग करते हुए यह डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
दो चरणों में की जाने वाली जनगणना में पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) और दूसरे चरण में जनगणना (PE) में प्रत्येक घर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य जानकारी एकत्र की जाएगी।














