चंद्रग्रहण और सूतक का समय
| चंद्रग्रहण का प्रारंभ | दोपहर में 3 बजकर 20 मिनट पर (भारतीय समय अनुसार) |
| चंद्रग्रहण का खग्रास प्रारंभ | शाम में 4 बजकर 34 मिनट पर |
| ग्रहण का मध्य | दोपहर में 5 बजकर 33 मिनट पर |
| चंद्रग्रहण का समाप्त | दोपहर में 6 बजकर 47 मिनट |
| चंद्रग्रहण के खग्रास | महज 59 मिनट |
भारत में कहां और कितने बजे दिखाई देगा चंद्रग्रहण
बता दें कि भारत में चंद्रोदय के बाद ही चंद्रग्रहण दिखाई दे सकता है। बता दें कि भारत में सबसे पहले चंद्रग्रहण अरुणाचल प्रदेश के तेजू में दिखाई देगा। यहां शाम में 5 बजकर 3 मिनट पर ही चंद्रोदय हो जाएगा।
| तेजू (अरुणाचल प्रदेश)सबसे पहले दिखेगा ग्रहण | शाम में 5 बजकर 3 मिनट पर |
| शिलांग | शाम में 5 बजकर 22 मिनट पर |
| असम | शाम में 5 बजकर 15 मिनट पर |
| दिल्ली | शाम में 6 बजकर 22 मिनट पर |
| अमृतसर | शाम में 6 बजकर 30 मिनट पर |
| आगरा | शाम में 6 बजकर 19 मिनट पर |
| पटना | शाम में 5 बजकर 50 मिनट पर |
| फरीदाबाद | शाम में 6 बजकर 21 मिनट पर |
| मेरठ | शाम में 6 बजकर 21 मिनट पर |
| भोपाल | शाम में 6 बजकर 24 मिनट पर |
| रांची | शाम में 5 बजकर 51 मिनट पर |
| जम्मू | शाम में 6 बजकर 29 मिनट पर |
| लखनऊ | शाम में 6 बजकर 7 मिनट पर |
| हरिद्वार | शाम में 6 बजकर 17 मिनट पर |
| देहरूदून | शाम में 6 बजकर 17 मिनट पर |
| जम्मू | शाम में 6 बजकर 29 मिनट पर |
| बैंगलुरू | शाम में 6 बजकर 28 मिनट पर |
चंद्रग्रहण सूतक काल का समय
पंडित राकेश झा से मिली जानकारी के अनुसार, चंद्रग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले ही लग जाता है। चंद्रग्रहण दोपहर में 3 बजकर 20 मिनट पर लगने वाला है। ऐसे में चंद्रग्रहण का सूतक काल 3 मार्च सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर ही आरंभ हो जाएगा। सूतक काल अशुभ समय माना जाता है इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य या पूजा अर्चना नहीं करनी चाहिए। इस दौरान मानसिक रुप से पूजा पाठ कर सकते हैं।














