चंद्रग्रहण में गर्भवती महिलाएं को क्या नहीं करना चाहिए?
- ग्रहण काल की अवधि में गर्भवती महिलाओं को गलती से भी नुकीली चीजों जैसे- सुई, चाकू, कैंची आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही, इन्हें स्पर्श करने से भी बचना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण में भोजन पकाने और उसे ग्रहण करने से भी बचना चाहिए क्योंकि, इस दौरान ग्रहण की अशुद्ध किरणें भोजन को दूषित कर देती हैं। जिसका प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर पड़ सकता है।
- ग्रहण काल के दौरान सिलाई-बुनाई जैसे कार्य भी करने वर्जित माना जाता है। ऐसा करने से आपको कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
- गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के दर्शन करने की गलती बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से चंद्रमा की अशुद्ध किरणों का दुष्प्रभाव गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ सकता है।
- मान्यता है की गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के दौरान शयन करने से बचना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण में क्या करना चाहिए?
- मान्यता है की गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के दौरान पेट पर गेरू अवश्य लगाना चाहिए।
- चंद्रग्रहण की अवधि के दौरान अगर घर में पहले से पका हुआ भोजन रखा हुआ हो तो उसमें तुलसी दल अवश्य डालना चाहिए। इससे भोजन दूषित नहीं होता है और उसकी शुद्धता बनी रहती है।
- ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाएं मंत्र जाप कर सकती हैं। साथ ही, इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना भी उत्तम माना जाता है।
- चंद्रग्रहण के दौरान आप धार्मिक ग्रंथों जैसे रामायण, भागवत गीता आदि का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान मानसिक पूजा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूर करें ये काम
- चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद गर्भवती महिलाओं को पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। अगर ऐसा संभव न हो तो गंगाजल का खुद पर छिड़काव कर लें।
- गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के बाद अपने हाथ से अपनी क्षमता अनुसार दान जरूर करना चाहिए। इससे बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है।














