रात 7:11 बजे उड़ान, 7:34 पर टूटा संपर्क
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस चार्टर्ड प्लेन ने रांची से रात 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के बयान के अनुसार, इस एयर एंबुलेंस का कोलकाता से संपर्क रात 7:34 बजे ही टूट गया था। काफी देर बाद पता चला कि यह एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
रडार और एटीसी से संपर्क टूट गया
DGCA के अनुसार, Beechcraft C90 एयरक्रॉफ्ट को दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित किया जा रहा था। इसका उड़ान के कुछ देर बाद ही कोलकाता से रडार और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से संपर्क टूट गया। यह उस वक्त वाराणसी के 100 NM दक्षिण-पूर्व की ओर था।
इसके कुछ बाद ही यह चतरा के सिमरिया के जंगलों में क्रैश हो गया। DGCA ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच भी गई।
एयर इंडिया हादसे के बाद से तीसरा क्रैश
यह एयर एंबुलेंस हादसा भारत के विमानन क्षेत्र के लिए जोरदार झटका है। इससे पहले बीते महीने ही महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को लेकर जा रहा लियरजेट 45 एयरक्रॉफ्ट हादसे का शिकार हो गया, जिसमें पवार की मौत हो गई थी। इससे भी पहले जून, 2025 में अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन हादसा हो गया था।
खराब मौसम को बताया जा रहा जिम्मेदार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि यह एयर एंबुलेंस खराब मौसम के कारण रास्ता भटक गया था। इसके बाद यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों ने बताया कि क्रैश के वक्त पूरे इलाके में तेज हवाएं चल रही थीं। भारी बारिश हो रही थी। बिजली कड़क रही थी और जोरदार गर्जना हो रही थी। इस तूफानी मौसम के दौरान ही यह प्लेन जोरदार आवाज के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रांची एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि दुर्घटना की एक वजह मौसम भी है, मगर सही कारण का पता जांच के बाद ही चल पाएगा।
एयर एंबुलेंस क्रैश के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं
- अमेरिका की वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे एक रिटायर्ड आईटी इंस्ट्रक्टर जी सौंडर्स के अनुसार, किसी एयर एंबुलेंस में विस्फोट के साथ ‘आग के गोले’, जलते हुए मलबे के बिखरने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शायद कोई इंजन टूट गया और टरबाइन के पुर्जे ईंधन टैंक में जा गिरे होंगे।
- यह संभव हो सकता है कि इस क्रैश का चिकित्सा उपकरणों या लोडिंग से कुछ लेना-देना हो?
- शायद मरीज की स्ट्रेचर या अन्य भारी उपकरण ठीक से सुरक्षित नहीं थे और गुरुत्वाकर्षण केंद्र से बहुत पीछे खिसक गए, जिससे एयरक्रॉफ्ट रुकने और घूमने की स्थिति में आ गया?
- इन हालातों में हो सकता हो कि पायलट घबरा गया हो और संभल नहीं पाया? हालांकि, इससे आग के गोले और बिखरे हुए मलबे की व्याख्या नहीं हो पाती है।
- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से शायद कोई निश्चित जवाब मिल जाए, उससे पहले की सारी जानकारी सिर्फ अनुमान है।
क्या होते हैं एयर एंबुलेंस, इसे समझते हैं
- सेवलाइफ केयर के अनुसार, एयर एंबुलेंस एक खासतौर पर डिजाइन एयरक्रॉफ्ट होता है। एयर एंबुलेंस के लिए किसी हेलिकॉप्टर को तैयार किया जाता है। या फिर किसी छोटे एयरक्रॉफ्ट को डिजाइन करके एयर एंबुलेंस बना दिया जाता है।
- इसमें फ्लाइंग ICU की व्यवस्था होती है, ताकि उड़ान के दौरान गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति या घायल मरीज को बचाने की व्यवस्था होती है। इससे वक्त रहते मरीज को तय गंतव्य तक पहुंचाकर उचित इलाज दिया जा सकता है।
क्या-क्या होता है एयर एंबुलेंस में
- एयर एंबुलेंस में आईसीयू की सुविधा के अलावा जीवन रक्षक उपकरण जैसे वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन सपोर्ट, डीफाइब्रिलेटर्स, कार्डिएक मॉनिटर्स और इमरजेंसी मेडिकेशन की व्यवस्था होती है।
- इसमें डॉक्टर्स, ट्रेंड प्रोफेशनल्स, क्रिटिकल केयर नर्स, पैरामेडिक्स होते हैं, जो मरीज की हालत पर निगरानी से लेकर हवा में ही इलाज भी कर सकते हैं।













