नियामकीय फाइलिंग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में काम कर रही नौ प्रमुख चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों का कुल रेवेन्यू FY25 में 4.5% घट गया। इससे पहले के वित्त वर्ष में इन कंपनियों के रेवेन्यू में 42% की तेजी आई थी। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार 20,000 रुपये से कम कीमत के स्मार्टफोनों की वैल्यू हिस्सेदारी साल 2023 के 38% से घटकर साल 2025 में 29% रह गई है।
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कम हुई रिटेल वैल्यू
काउंटरपॉइंट के मुताबिक भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स (जिनमें Vivo और लेनोवो के स्वामित्व वाला Motorola भी शामिल हैं) की रिटेल वैल्यू हिस्सेदारी साल 2023 के 54% से घटकर साल 2025 में 48% रह गई। हालांकि, वॉल्यूम के लिहाज से इनकी बाजार हिस्सेदारी अब भी 73% से 75% के बीच बनी हुई है।
प्रीमियम सेगमेंट में उछाल
- 45,000 रुपये से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़ गई है। साल 2025 में यह हिस्सेदारी 47 फीसदी रही, जबकि साल 2023 में यह 36 फीसदी थी।
- आईफोन निर्माता एप्पल की भारत में बिक्री FY25 में 18% बढ़कर 79,378 करोड़ रुपये हो गई।
- सैमसंग की बिक्री 12% बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, कोरियाई कंपनी LG Electronics ने भी 14% की वृद्धि दर्ज की।
विवो ने दिखाई मजबूती
एक तरफ जहां अधिकतर चीनी ब्रांड्स को नुकसान उठाना पड़ा, वहीं Vivo के रेवेन्यू में 11% की तेजी आई है। विश्लेषकों के अनुसार, प्रीमियम पोर्टफोलियो और ऑफलाइन रिटेल नेटवर्क पर मजबूत पकड़ के कारण विवो बाजार के बदलते रुझान के साथ कदम मिला पा रही है।
कुल खर्च में भी गिरावट
RoC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय उपभोक्ताओं ने FY25 में नौ प्रमुख चीनी ब्रांड्स के इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जो पिछले वर्ष के 1.72 लाख करोड़ रुपये से कम है।
कीमतें बढ़ने की आशंका
एक्सपर्ट का कहना है कि मेमोरी चिप्स सहित कंपोनेंट्स की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी के कारण स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लोअर और मिड-प्राइस सेगमेंट पर पड़ेगा, जहां उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पहले ही सीमित है। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है और प्रीमियम सेगमेंट की मांग मजबूत बनी रहती है, तो आने वाले समय में भारतीय बाजार चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स के लिए और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।














