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  • CIA ने ट्रैक किया और इजरायल ने उड़ा दिया, जानें कैसे मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई?

    तेहरान: इजरायल ने शनिवार तड़के हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार डाला। ईरान ने भी खामेनेई के मौत की पुष्टि की है और 40 दिनों के राष्ट्रव्यापी शोक का ऐलान किया है। शनिवार के हमलों में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ-साथ खामेनेई की बेटी, दामाद और पोते की भी


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    By Azad Hind Desk मार्च 1, 2026
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    तेहरान: इजरायल ने शनिवार तड़के हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार डाला। ईरान ने भी खामेनेई के मौत की पुष्टि की है और 40 दिनों के राष्ट्रव्यापी शोक का ऐलान किया है। शनिवार के हमलों में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ-साथ खामेनेई की बेटी, दामाद और पोते की भी हत्या कर दी गई। ये हत्याएं 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान के नेतृत्व को लगे सबसे बड़े झटकों में से एक हैं। खामेनेई को ईरान में सर्वोच्च सुरक्षा हासिल थी। ऐसे में सवाल उठता है कि इजरायल ने कैसे खामेनेई की हत्या कर दी जिसे ईरान रोक तक नहीं सका।

    CIA ने ट्रैक की खामेनेई की लोकेशन

    द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने ईरानी लीडरशिप की एक हाई-लेवल मीटिंग को ट्रैक किया और फिर इजरायल ने टारगेट पर हमला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी इंटेलिजेंस ने हमले से कुछ घंटे पहले ही उस चीज की पहचान कर ली थी जिसे सबसे अहम टारगेट माना जा रहा था- ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई। ऑपरेशन से जुड़े सूत्रों ने कहा कि CIA कई महीनों से खामेनेई की मूवमेंट और घरों पर नजर रख रही थी। समय के साथ उसकी इंटेलिजेंस और भी सटीक होती जा रही थी।

    CIA की जानकारी पर इजरायल ने किया हमला

    CIA को जानकारी मिली थी कि शनिवार सुबह सेंट्रल तेहरान के एक कंपाउंड में सीनियर ईरानी अधिकारियों की एक जरूरी मीटिंग होने वाली थी, जिसमें खामेनेई के शामिल होने की उम्मीद थी। अखबार ने दावा किया कि नई इंटेलिजेंस के बाद, अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों ने मौके का फायदा उठाने के लिए कथित तौर पर प्लान किए गए हमले का समय बदल दिया। उन्होंने रात का इंतजार किए बगैर सुबह-सुबह ही हमले का फैसला किया और तुरंत सेना को कार्रवाई का आदेश दे दिया।

    अमेरिका-इजरायल के बीच करीबी तालमेल दिखा

    रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले को तेजी से अंजाम देना अमेरिका और इजरायल के बीच करीबी तालमेल और इंटेलिजेंस शेयरिंग को दिखाता है। इसमें यह भी कहा गया कि आने वाले संघर्ष के साफ संकेतों के बावजूद, ईरानी लीडरशिप सुरक्षा के जरूरी उपाय लागू करने में नाकाम रही। ऐसा माना जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका को ईरान के सर्वोच्च नेता के लोकेशन की पल-पल की जानकारी थी। ऐसे में हमले में कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे बचने की उम्मीद खत्म हो जाए।

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