सोमवार को बिटकॉइन की कीमत में भारी गिरावट आई। यह 5% गिरकर 65,000 डॉलर से नीचे चला गया। वहीं भविष्य का बिटकॉइन कहे जाने वाले पाई नेटवर्क कॉइन में 7 फीसदी की गिरावट आ गई। क्रिप्टो मार्केट में गिरावट इसलिए आई क्योंकि एशिया के बाजारों ने डोनाल्ड ट्रंप के 15% ग्लोबल टैरिफ पर प्रतिक्रिया दी, जिसकी घोषणा वीकेंड पर हुई थी। शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट अमेरिकी टैरिफ को रद्द कर दिया था। इसके बाद तिलमिलाए ट्रंप ने दुनिया के लगभग सभी देशों पर 15 फीसदी का फ्लैट टैरिफ लगा दिया था। इससे आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ गई है।
पाई नेटवर्क ने बिटकॉइन के छुड़ाए छक्के, 7 दिन में 40% से ज्यादा रिटर्न, कहां पहुंची क्रिप्टोकरेंसी की कीमत?
किस क्रिप्टो में कितनी गिरावट?
पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन और इथेरियम दोनों में गिरावट देखी गई। बिटकॉइन 5% से नीचे आ गया। वहीं इथेरियम में 6% तो पाई नेटवर्क कॉइन में 7% की गिरावट दर्ज की गई। बड़े ऑल्टकॉइन्स में से XRP, BNB, Solana, Tron, Dogecoin, Cardano और Hyperliquid 8% तक गिर गए।
सोमवार को बाद में क्रिप्टो की स्थिति थोड़ी सुधरती दिखाई दी। दोपहर 12:30 बजे बिटकॉइन 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 65,790 डॉलर, इथेरियम करीब 5 फीसदी गिरकर 1880 डॉलर और रिपल करीब 4 फीसदी की गिरावट के साथ 1.36 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। वहीं पाई नेटवर्क 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 0.1580 डॉलर पर था।
बिकवाली भी बड़ा कारण
क्रिप्टो में गिरावट का कारण सिर्फ ट्रंप का 15 फीसदी टैरिफ का आदेश ही नहीं है। एक्सपर्ट के मुताबिक ईटीएफ से लगातार हो रहे आउटफ्लो ने भी बिकवाली के दबाव को बढ़ाया है। ऑन-चेन डेटा (ब्लॉकचेन पर होने वाले लेन-देन का डेटा) से पता चलता है कि व्हेल्स (बड़े निवेशक) द्वारा ‘V-शेप’ में जमाखोरी (खरीदारी) की जा रही है। इससे बिकवाली का दबाव कुछ हद तक कम हो रहा है।














