क्यूबा का सबसे बड़ा सहयोगी था वेनेजुएला
निकोलस मादुरो के पकड़े जाने से पहले तक क्यूबा अपने इलेक्ट्रिकल ग्रिड को चलाने के लिए जरूरी ईंधन की शिपमेंट सहित, मदद के लिए वेनेजुएला पर निर्भर रहा है। लेकिन, 3 जनवरी के बाद सबकुछ बदल गया है। मादुरो को हटाए जाने के साथ, क्यूबा को पश्चिमी गोलार्ध में अपने सबसे करीबी सहयोगियों में से एक को खोने का खतरा है। 11 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला अब क्यूबा को तेल या पैसा सप्लाई नहीं करेगा। वेनेजुएला की मदद खत्म करने की धमकी से क्यूबा की अर्थव्यवस्था और ज्यादा बर्बाद हो सकती है। इससे देश में अशांति भी फैल सकती है।
क्यूबा की सरकार क्या कह रही
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद से क्यूबा अपेक्षाकृत शांत है। क्यूबा की सरकार ने वेनेजुएला के साथ संबंध बनाए रखने का वादा किया है। लेकिन, क्यूबा के लोगों को डर है कि इससे देश में तबाही मच सकती है। कुछ लोगों को अमेरिकी हमले का भी डर सता रहा है। क्यूबा में इस बात को लेकर अनिश्चितता में है कि भविष्य में क्या होगा। लोग देश छोड़ने के लिए इमरजेंसी प्लान भी बना रहे हैं। हालांकि, क्यूबा की सरकार का कहना है कि घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि वह वैकल्पिक ईंधन आयात पर तेजी से काम कर रही है।
क्यूबा के हालात इतने खराब क्यों हैं
वेनेजुएला की तरह, क्यूबा भी लंबे समय से एक वामपंथी सरकार द्वारा शासित रहा है। पश्चिमी देशों का आरोप है कि क्यूबा की सरकार असहमति को दबाने के लिए शक्ति का इस्तेमाल करती है। हालांकि, क्यूबा इससे इनकार करता है। अमेरिका और क्यूबा के बीच राजनीतिक बंटवारे के कारण 1960 के दशक में कड़े प्रतिबंध लगाए गए जो आज भी जारी हैं। इससे क्यूबा की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई है। क्यूबा की सरकार ने अमेरिका के साथ बेहतर संबंध बनाने की इच्छा जताई है।
क्यूबा पर ट्रंप की तिरछी नजर
2014 में, तत्कालीन नेता राउल कास्त्रो ने अपने अमेरिकी समकक्ष बराक ओबामा के साथ एक संक्षिप्त समझौता किया था। लेकिन 2016 में डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कार्यकाल के दौरान उस सुलह को खत्म कर दिया। अपने पहले कार्यकाल से ही, अमेरिका ने क्यूबा पर कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे द्वीप के इतिहास में सबसे खराब आर्थिक संकटों में से एक पैदा हो गया है।
क्यूबा-वेनेजुएला संबंध कैसे हैं
क्यूबा वेनेजुएला के साथ एक समझौते की बदौलत इस दबाव का सामना करने में कामयाब रहा। 2000 से, वेनेजुएला ने क्यूबा को रियायती तेल भेजा है। इसके बदले में हजारों क्यूबा के डॉक्टर, नर्स, शिक्षक और अन्य पेशेवर देश में काम करने के लिए वेनेजुएला भेजे गए हैं। हालांकि हाल के वर्षों में क्यूबा में वेनेजुएला के तेल का आयात कम हुआ है, फिर भी यह देश अपने कैरेबियाई समकक्ष के लिए जीवन रेखा बना हुआ है। ईंधन की कमी के कारण हाल के वर्षों में पहले ही क्यूबा में बिजली कटौती चरम पर है, लेकिन अब हालात के और ज्यादा बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। आज क्यूबा अपनी जरूरत की आधी से भी कम बिजली पैदा कर पाता है। बिजली कटौती, साथ ही भोजन और दवाओं की कमी के कारण 2021 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें हजारों लोगों ने सरकार के खिलाफ रैली की।














