पिछली बार फ्लैटों की ई-ऑक्शनिंग में बहुत कम लोगों के शामिल होने और उम्मीद के अनुसार रिस्पॉन्स नहीं मिलने के बाद डीडीए अब इस प्रोजेक्ट में ‘पहले आओ, पहले पाओ’ बेसिस पर फ्लैट बचेगी। स्कीम के पहले चरण में 1026 में से 200 फ्लैट्स का भी ई-ऑक्शन नहीं हो पाया था। अब स्कीम के दूसरे चरण में 741 फ्लैट्स शामिल किए गए हैं। इन्हें ‘पहले आओ, पहले पाओ’ बेसिस पर बेचा जाएगा। ये सभी 2 BHK वाले फ्लैट हैं।
DDA Flats: डीडीए के 1026 में से सिर्फ 178 फ्लैट बिके, TOD स्कीम को लोगों ने नकारा
कब से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन?
- डीडीए ने शनिवार को ‘DDA टॉवरिंग हाइट्स हाउसिंग स्कीम 2026’ का ऐलान किया।
- 8 जनवरी को इसका ब्रोशर DDA की वेबसाइट www.dda.gov.in और eservices.dda.org.in अपलोड कर दिया जाएगा और उसी दिन से फ्लैट्स के लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो जाएगा।
- फ्लैट्स की बुकिंग की शुरुआत 23 जनवरी से होगी, जबकि फ्लैटों की बिक्री 31 मार्च तक होगी।
- इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए 2,500 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। हालांकि, जो आवेदक पहले से पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं, उन्हें यह शुल्क दोबारा नहीं देना होगा।
- रिटेल कैटिगरी में हर फ्लैट की बुकिंग के लिए आवेदक को चार लाख रुपये की बुकिंग राशि जमा करनी होगी। बुक किए जाने वाले फ्लैटों की संख्या पर कोई कैपिंग नहीं होगी।
- बुकिंग राशि वापस नहीं होगी, लेकिन फ्लैट बुक होने की स्थिति में इसे एडजस्ट कर लिया जाएगा।
नियम और शर्तें जारी
डीडीए ने फ्लैटों के अलॉटमेंट के नियम और शर्तें जारी कर दी हैं। योजना के तहत व्यक्तिगत खरीदारों के साथ-साथ सरकारी संस्थानों के लिए भी फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस स्कीम के तहत 741 फ्लैट रिटेल खरीदारों के लिए और 107 सरकारी संस्थानों के लिए आरक्षित किए गए हैं। सभी फ्लैट अभी कंस्ट्रक्शन स्टेज में हैं और इनका 90% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है।
सरकारी संस्थानों के लिए खास व्यवस्था
इस स्कीम में सरकारी संस्थानों के लिए बल्क अलॉटमेंट की व्यवस्था की गई है। इसके तहत RH-2 ब्लॉक के पीर पंजाल, विंध्य, शिवालिक और सतपुड़ा टावरों में 107 फ्लैट बल्क खरीद के लिए तय किए गए है। बल्क खरीद की न्यूनतम सीमा 10 फ्लैट है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों, विभागों, विश्वविद्यालयों, पीएसयू और स्वायत्त निकाय अप्लाई कर सकते है। डीडीए किसी भी आवेदन को बिना कारण बताए स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है। साथ ही उपलब्धता के अनुसार एक ही टावर में बल्क अलॉटमेंट का प्रयास किया जाएगा।












