इंडिया गेट जैसा स्मारक क्यों बनाना चाहते हैं ट्रंप
ऐसा माना जा रहा है कि वॉशिंगटन डीसी में विजय स्तंभ जैसी इमारत बनाकर ट्रंप अपना नाम अमर करना चाहते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल में पहले एक साल खुद को शांति का मसीहा स्थापित करने की कोशिश की। उन्होंने अपने हर सार्वजनिक भाषण में कम से कम 8 युद्धों को रुकवाने का श्रेय लिया है। इसके बाद दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाकर उसे अमेरिका की बढ़ती ताकत के रूप में स्थापित करने की कोशिश की। ट्रंप अपने भाषणों में इसे अमेरिका का स्वर्णिम युग कहते हैं। ऐसे में संभवत इसी कारण वह विजय स्मारक बनाने की योजना बना रहे हैं।
अमेरिकी सैन्य शक्ति भी प्रदर्शित कर रहे ट्रंप
ट्रंप अमेरिका के दुश्मन देशों सैन्य कार्रवाई की धमकियां भी दे रहे हैं। उनके आदेश पर 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में सैन्य अभियान चलाया था। इसके तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी समेत अगवा कर अमेरिका लाया गया और अब मुकदमा चलाया जा रहा है। ट्रंप ईरान, क्यूबा और कोलंबिया को भी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने ईरान के नजदीक भारी-भरकम सैन्य तैनाती भी की है।
इंडिया गेट का इतिहास क्या है
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर स्थित इंडिया गेट अंग्रेजों का बनाया हुआ एक स्मारक है। यह 42 मीटर ऊंचा है। इसे प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) और तीसरे एंग्लो-अफ़गान युद्ध में शहीद हुए लगभग 70,000-90,000 भारतीय सैनिकों की याद में बनाया गया था। इंडिया गेट को सर एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था। इसे बनाने का काम 1921 में शुरू किया गया और यह 1931 में पूरा हुआ।













