स्टारलिंक के साथ पार्टनरशिप पर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को कहा कि इस समझौते का मकसद दूरदराज, सीमावर्ती, आदिवासी और कम सुविधा वाले इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
लोगों को मिलेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
सरकार के अनुसार, इससे उन जगहों पर हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिलेगी, जहां ब्रॉडबैंड और मोबाइल नेटवर्क कम आते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह गुजरात के बड़े डिजिटल कनेक्टिविटी के लक्ष्य और चल रही टेक्नोलॉजी बेस्ड गवर्नेंस पहलों के लिए ठीक है।
बता दें कि सैटेलाइट इंटरनेट को उन इलाकों के लिए बेहतर सुविधा के रूप में देखा जा रहा है, जहां फाइबर बिछाना या मोबाइल नेटवर्क का विस्तार करना चुनौतीपूर्ण है। पटेल ने आगे कहा कि यह दूरदराज, सीमावर्ती, आदिवासी और कम सुविधा वाले इलाकों में सीमित टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भी हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा देगा। इससे गुजरात के डिजिटल कनेक्टिविटी मिशन और रणनीतिक डिजिटल पहलों में तेजी आएगी।
प्राइमरी हेल्थ सेंटर में मिलेगी सर्विस
राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म, कॉमन सर्विस सेंटर, स्कूल और प्राइमरी हेल्थ सेंटर सहित कई पब्लिक सर्विस के लिए होगी। इसका इस्तेमाल टेलीमेडिसिन सर्विस, आपदा प्रबंधन सिस्टम, बंदरगाहों, वन्यजीव और अन्य सरकारी संस्थानों के लिए भी किया जा सकता है।
अधिकारियों ने संकेत दिया कि बेहतर कनेक्टिविटी से आदिवासी जिलों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही इमरजेंसी के दौरान इस्तेमाल होने वाले कम्युनिकेशन सिस्टम को भी मजबूत किया जा सकता है।
दरअसल 4G और फिर 5G के आने के बाद भी देशभर में ऐसे कई इलाके हैं, जहां आज भी इंटरनेट एक्सेस कर पाना आसान नहीं है। ऐसे में अगर सरकार खुद आगे बढ़कर स्टारलिंक जैसे प्लेयर्स के साथ हाथ मिलाती है, तो जल्द ही देशभर में हर जगह इंटरनेट उपलब्ध कराया जा सकता है।














